सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटाकर जबरन छुट्टी पर भेजना केंद्र सरकार के षड्यंत्र का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आलोक वर्मा जल्द ही राफेल डील घोटाले की प्रारंभिक जांच शुरू कराने वाले थे, इसलिए केंद्र सरकार में हड़कंप मचा हुआ था। लिहाजा उन्हें जबरन लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया।
एडवोकेट प्रशांत भूषण चंडीगढ़ में मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि 4 अक्तूबर को वे और अरुण शौरी सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा से मिले थे। उन्होंने 46 दस्तावेज के साथ उन्हें राफेल डील की एक शिकायत सौंपी थी। उनसे मुलाकात के बाद निदेशक आलोक वर्मा ने उन्हें शिकायत पर उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था। इसके बाद से केंद्र सरकार में जबरदस्त हलचल का माहौल था। इसके बाद आनन-फानन में आधी रात आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के आदेश जारी कर दिए गए और एक चहेते अफसर को सीबीआई का कार्यभार सौंप दिया गया।