एक तरफ पूरे देश में रंगों का त्योहार होली खेला जाता है लेकिन जालंधर के रहने वाले प्रदुमन सिंह ठुकराल के लिए हर रोज होली होती है। वह लोगों को हरे पौधे प्यार से देकर उनके जीवन में रंग भरते हैं और पौधों के पोषण के लिए उत्साहित करते हैं। वातावरण की सेवा करने वाले बहुत कम लोग बचे हैं लेकिन वातावरण के क्षेत्र में प्रमुख सेवा निभाने वाले जालंधर की शान प्रदुमन सिंह ठुकराल हैं। ठुकराल 36000 से ज्यादा पौधे लगाकर वातावरण को बचाने में अहम योगदान निभा रहे हैं।
उन्हें इसी साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया था। लोक निर्माण विभाग से बतौर एसडीओ सेवानिवृत्त होने वाले प्रदुमन सिंह ठुकराल जब पदमुक्त हुए तो एक लक्ष्य बनाया कि लोगों की जिंदगी में हरा रंग भरना है। शहर में हरियाली लानी है। इसे उन्होंने अपना लक्ष्य बनाया। वह अभी तक 36000 से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं, जिनमें से हजारों पौधे पेड़ों का रूप धारण कर जालंधर को ऑक्सीजन प्रदान कर रहे हैं।
उनकी दिनचर्या हरियाली के बीच शुरू होती है। जगते ही पार्क में चले जाते हैं, जहां पौधों को देखते हैं और फिर पौधे बांटने का काम शुरू कर देते हैं। जहां भी रास्ते में उनको उपयुक्त स्थान दिखता है तो वहां पर पौधा लगाना शुरू कर देते हैं। उनकी पुत्रवधू मनिंदर कौर ठुकराल भी हरियाली के लिए लोगों को प्रेरित कर रहीं हैं। हालांकि वह सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल हैं लेकिन हरियाली लाने में उनका भी योगदान सराहनीय है, जिसके लिए उनको कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।