भारतीय मूल के प्रदीप टिवाना ऑस्ट्रेलिया में पहले जज बने हैं। इस खबर से जालंधर में खुशी की लहर है और उनके पैतृक गांव कोटकलां में लोगों नें बुधवार को लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया और कहा कि प्रदीप टिवाना ने जालंधर का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है। हालांकि प्रदीप टिवाना का जन्म यूके में हुआ है लेकिन वह हमेशा पंजाब की मिट्टी से जुड़े रहे हैं।
पिता अजीत सिंह टिवाना जालंधर के कोटकलां से सिंगापुर फिर यूके शिफ्ट हो गए थे। यूके में 1970 में प्रदीप टिवाना का जन्म हुआ, जिसने स्नातक व लॉ की डिग्री वोल्वर हैंपटन यूनिवर्सिटी से हासिल की। प्रदीप को लॉ स्कूल से दो स्कॉलरशिप मिली, जो रिकार्ड था।
2006 में परिवार ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट हो गया था और वहीं पर आगे प्रदीप टिवाना ने बतौर कानून की तीन माह की डिग्री हासिल की और वहीं पर आगे प्रैक्टिस कर अपना कैरियर शुरू किया। 2006 से लगातार प्रदीप ने बतौर क्रिमिनल वकील निजी प्रैक्टिस की।
परिवार के निकटवर्ती सदस्य करणदीप चावला का कहना है कि प्रदीप टिवाना ने पंजाब का नाम रोशन किया है। वह पहले भारतीय मूल के जज ऑस्ट्रेलिया में बने हैं। वहीं गांव कोटकलां में बुधवार को गुरुद्वारा साहब में अरदास की गई और लड्डू बांटे गए। इस दौरान एसजीपीसी सदस्य परमजीत रायपुर, मंजीत कौर सरपंच, हरभजन सिंह, डॉ. बलवंत सिंह मौजूद रहे।