बिजली (संशोधन) बिल 2021 को चालू बजट सत्र में पारित कर बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने से गुस्साए बिजली कर्मचारी तीन फरवरी (बुधवार) को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। शिफ्टों में ड्यूटी देने वाले तकनीकी कर्मचारी मंगलवार को रात 11 बजे से ही हड़ताल पर चले गए हैं।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने हड़ताल के समर्थन में प्रदेशभर में एकजुटता प्रर्दशन करने का फैसला लिया है। हड़ताल की मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन, डीए व एलटीसी बहाली, ठेका खत्म कर ठेका कर्मियों को सीधे निगमों के पे-रोल पर लेने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम- समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द करवाना, वर्कलोड के अनुसार नए पदों का सृजन आदि शामिल है।
नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंपलाइज एंड इंजीनियर के संयोजक सुभाष लांबा ने बताया कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल का हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन व एचएसबीसी डिप्लोमा होल्डर एसोसिएशन ने भी पुरजोर समर्थन करने का फैसला किया है। बुधवार को होने वाली बिजली कर्मचारियों की हड़ताल और अभियंताओं के कार्य बहिष्कार के चलते वितरण निगमों में पब्लिक डीलिंग से जुड़े लगभग सभी कामकाज प्रभावित रहेंगे।
शांतिपूर्ण रहेगी हड़ताल: लांबा
लांबा ने बताया कि हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगी और आवश्यक सेवाओं को किसी भी सूरत में बाधित नहीं किया जाएगा। अगर किसी कारण आवश्यक सेवाएं बाधित होती हैं तो बिजली कर्मचारी हड़ताल पर रहते हुए उन्हें बहाल करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने बताया कि हड़ताल में तीनों कृषि कानूनों व बिजली संशोधन बिल 2021 को रद्द करने व एमएसपी को कानूनी बनाकर किसान आंदोलन को समाप्त करवाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। आल हरियाणा पावर कारपोरेशंज वर्कर यूनियन के चेयरमैन देवेन्द्र हुड्डा, प्रधान सुरेश राठी, महासचिव नरेश कुमार,उप महासचिव रमेश चंद व उप प्रधान एनपी सिंह चौहान ने बताया कि हड़ताल की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।