पंजाब सरकार ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को जोर का झटका देते हुए बिजली की दरों में औसतन 9.33 फीसदी प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी है। इसके तहत अब घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 7 से 12 फीसदी तक अधिक दाम चुकाने पड़ेंगे। वहीं कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को 8.5 से 10.5 फीसदी अधिक दाम देना होगा। उल्लेखनीय है कि राज्य में बिजली के दाम तीन साल बाद बढ़ाए गए हैं।
पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग (पीएसईआरसी) ने सोमवार को वर्ष 2017-18 के लिए नए टैरिफ का ऐलान किया। बिजली की नई दरें बीते 1 अप्रैल से लागू की गई हैं और उपभोक्ताओं से बकाया राशि की वसूली नौ महीने में की जाएगी। नए घरेलू टैरिफ के अनुसार, उपभोक्ताओं को पहले 100 यूनिट तक 46 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा चुकाने होंगे जबकि 101-300 यूनिट तक 41 पैसे, 301-500 यूनिट तक 59 पैसे प्रति यूनिट और 500 यूनिट से ज्यादा खपत करने पर 80 प्रति प्रति यूनिट अधिक देने होंगे।
पीएसईआरसी द्वारा सोमवार को बुलाई गई प्रैस कांफ्रेंस में घोषित किए वर्ष 2017-18 के टैरिफ में वर्ष 2014-15 और 2015-16 का ट्रू-अप लेखाजोखा, वर्ष 2016-17 की वा?र्षिक जरूरतों (एआरआर) की समीक्षा और वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 की वार्षिक वित्तीय आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए आने वाले दो सालों में भी बिजली के दाम बढ़ने के साफ संकेत दे दिए हैं। इस संबंध में पीएसईआरसी का कहना है कि वर्ष 2018-19 और 2019-20 में बिजली के दाम पर फ्यूल चार्ज, खरीदी गई बिजली, अल्पकालिक बिजली खरीद, गर्मी और फसली मौसम में बिजली की जरूरत जैसे कई मामले असर डालते हैं। इस तरह खर्च बढ़ने पर बिजली के दाम बढ़ना लाजिमी है।