हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर और उनके मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों का जुटा कर भाजपा ने इस मौके को शानदार शो में बदल दिया।
केंद्र में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद किसी राज्य में भाजपा की यह पहली सरकार है। झारखंड और जम्मू कश्मीर विधान सभा चुनाव के पहले भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसके माध्यम से अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। हरियाणा मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है।
रविवार को पंचकूला के सेक्टर पांच स्थित मेला ग्राउंड में मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा ने अपनी ताकत का एहसास दिलाया।
ये सहयोगी दलों के नेता भी आए
समारोह में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के रमन सिंह, गुजरात की आनंदी बेन पटेल, राजस्थान की बसुंधरा राजे सिंधिया के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी शामिल हुए।
इसके साथ ही प्रमुख केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, कृष्णपाल गुर्जर, अनंत कुमार, राम बिलास पासवान, मेनका गांधी, जनरल (रिटायर) वीके सिंह भी समारोह में पहुंचे।
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, महासचिव जेपी नड्डा के अलावा पूर्व अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी शपथ ग्रहण में शामिल हुए। इसके साथ ही हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, बिहार से सुशील मोदी ने भी शिरकत की।
मंत्रिमंडल में अहिरवाल और करनाल निहाल
भाजपा ने मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा है। मंत्रिमंडल की रेल जीटी रोड पर सरपट दौड़ी है। मंत्रिमंडल में अहिरवाल और करनाल निहाल हो गया है। उत्तर हरियाणा को खटटर के मंत्रिमंडल में यह शिकायत नहीं रहेगी कि उन्हें तरजीह नहीं दी गई। हालांकि फरीदाबाद और सिरसा लोकसभा क्षेत्र मंत्रिमंडल में जगह पाने से अछूता रह गया है।
जातीय समीकरण के हिसाब से मंत्रिमंडल में दो जाट कैप्टन अभिमन्यु और ओम प्रकाश धनखड़, मनोहर लाल खट्टर और अनिल विज (पंजाबी समुदाय) तथा अहीर वर्ग से राव नरवीर और विक्रम ठेकेदार को प्रतिनिधित्व मिला है।
शाहबाद से कृष्ण कुमार एससी वर्ग और इंद्री से कर्ण देव कांबोज (ओबीसी), रामबिलास शर्मा (ब्राह्मण)तथा कविता जैन को महिला और वैश्य दोनों कोटे में रखा जा सकता है।