हेल्पलाइन नंबर जारी, प्रशासन बोला- कोई लाइन से करे छेड़छाड़ तो पुलिस को बताएं
हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने जरूरी इंतजाम किए हैं। फिर भी कहीं पावर सप्लाई में दिक्कत आने से बिजली कट लग सकता है। आम लोग किसी भी शिकायत के लिए शिकायत केंद्रों पर फोन कर सकते हैं। आम जन से प्रशासन ने अपील की है कि वह भी इलेक्ट्रिसिटी लाइन पर नजर रखें। अगर कोई इनसे छेड़छाड़ करता दिखे तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या अन्य हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे सकते हैं। सेक्टर-17 कंट्रोल रूम 0172-2703242, सेक्टर-9 कंट्रोल रूम 0172-2740475, सिटीजन फेसिलिटेशन सेंटर 0172-4639999 पर संपर्क कर सकते हैं।
निगम ने भी तैयार रखे जनरेटर, टैंकरों से भी करेंगे आपूर्ति
बिजली विभाग के कर्मचारियों की ओर से हड़ताल की घोषणा के बाद नगर निगम ने पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए तैयारी कर ली है। निगम ने वाटर वर्क्स और ट्यूबवेल पर जनरेटर तैयार रखे हैं। वहीं, निगम ने टैंकरों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजने के लिए रूट प्लान तैयार कर दिया है। पेयजल आपूर्ति का समय घटाने या बढ़ाने का निर्णय निगम बिजली कटौती के अनुसार लेगा।
आईएसबीटी-17 में जेनरेटर तैयार
सीटीयू प्रबंधन ने बस अड्डे पर जनरेटर की व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया है। जनरेटर की ऑटो कट सेवा होगी। जब बिजली चली जाएगी तो यह बड़ा जनरेटर अपने आप ही चालू हो जाएगा। इससे बस अड्डे पर अंधेरा नहीं होगा। डीजल की भी पुख्ता इंतजाम किया है। आईएसबीटी-17 के एसएस गुरराज सिंह ने बताया कि हड़ताल के कारण बस अड्डा पर जनरेटर से बिजली की आपूर्ति होगी, ताकि बिजली जाने पर किसी भी तरह की परेशानी न हो।
एक फरवरी को हुई थी एक दिन की हड़ताल, मच गया था हाहाकार
बिजली विभाग के निजीकरण की वजह से एक फरवरी को भी कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। पूरे दिन लोगों को परेशान होना पड़ा था। शहर के कई हिस्सों में बिजली 20 से 24 घंटे तक गुल रही। लोग भड़क कर शिकायत केंद्र न पहुंच जाएं, इस वजह से 13 केंद्रों पर पुलिस भी तैनात कर दी गई थी। बिजली जाने के बाद पूरे दिन लोग बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करते रहे लेकिन नंबर ही नहीं मिले। अगर नंबर मिला भी तो किसी ने उठाया नहीं। लोग पूरे दिन परेशान हुए लेकिन विभाग की तरफ से लोगों को कोई जवाब नहीं मिला कि बिजली कब आएगी।
इन मांगों को पूरा कराने के लिए है हड़ताल
- बिजली विभाग का निजीकरण रोका जाए
- मशीनरी, बिल्डिंग और जमीन की कीमत तय कर ऑडिट कराया जाए
- जिस निजी कंपनी को बिजली विभाग सौंपा जा रहा है, उसके पांच वर्षों के प्रदर्शन की जांच की जाए
- बिजली कर्मचारियों का सरकारी दर्जा बहाल रखा जाए