शिक्षक यूनियन के अध्यक्ष स्वर्ण सिंह कंबोज ने बताया कि पिछले लंबे समय से टीजीटी की पदोन्नति रुकी है। कई शिक्षक बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। विभाग की ओर से कनिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति दिए बिना ही वरिष्ठ कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी और कार्य सौंपा जा रहा है।
11वीं में लगातार बढ़ रही विद्यार्थियों की संख्या
11वीं कक्षा में दाखिले के दौरान विद्यार्थियों की संख्या हर साल सरकारी स्कूलों में बढ़ रही है। विद्यार्थियों को समायोजित करने के लिए नए स्कूल बनाने के साथ शाम की कक्षाएं तक लगवाई जा रही है। लेकिन विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के हिसाब से नए शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति का कार्य ठप है।
कई प्रवक्ता 20 वर्ष से अनुबंध पर कर रहे काम
सरकारी स्कूलों में कई प्रवक्ता पिछले लगभग 20 से 22 वर्षों से अनुबंध पर ही चल रहे हैं। नियमित करने को लेकर शिक्षकों ने कैट में याचिका भी दायर की लेकिन कोर्ट ने फैसला दिया कि इनके पदों पर जब तक नियमित भर्ती नहीं होती या टीजीटी को प्रमोट नहीं किया जाता, तब तक इनकी सर्विस जारी रहेगी।
शिक्षकों के वरिष्ठता के आधार पर उनको पदोन्नति देने के लिए हम खाका तैयार कर रहे हैं। जल्दी ही शिक्षकों को प्रमोट किया जाएगा। नई भर्ती को लेकर अभी कुछ सुनिश्चित नहीं है। - रुबिंदर जीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक