हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय में खाली हो रहे पदों पर एडजस्टमेंट के लिए अफसरशाही से लेकर संगठन तक के नेताओं में जबरदस्त लॉबिंग चल रही है। सीएम कार्यालय में अहम ओहदा पाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से लेकर हाईकमान तक लोग अपनी सिफारिश लगा रहे हैं। पूर्व मंत्री व भाजपा संगठन में अहम ओहदा निभा रहे नेताओं के सीएमओ आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, नई नियुक्तियों में भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पसंद ही चलेगी।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी और अजय गौड़ इस्तीफा दे चुके हैं और दोनों ही विधानसभा चुनाव के लिए फील्ड में जुट गए हैं। कृष्ण बेदी शाहाबाद से पहले भी विधायक रहे हैं, जबकि अजय गौड़ फरीदाबाद से अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं। इसी कड़ी में अब तीसरा नाम ओएसडी जवाहर यादव का जुड़ रहा है। पिछले नौ साल में दो बार सीएम कार्यालय में अहम जिम्मेदारी निभाने वाले यादव भी बादशाहपुर से विधानसभा चुनाव की इच्छा रखते हैं। वह लगातार हलके में सक्रिय हैं।
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संभावना जताई जा रही है कि कुछ दिनों के बाद वे आधिकारिक तौर पर ओएसडी पद छोड़ देंगे और पूरा समय हलके में देंगे। सूत्रों का यह भी दावा है कि भाजपा संगठन में उनको अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। ओमप्रकाश धनखड़ के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के पद पर रहते समय भी जवाहर को संगठन में ओहदा देने की कोशिशें की गई थी, लेकिन उस समय मामला सिरे नहीं चढ़ा था। वहीं, अब सीएम मनोहर लाल की पसंद सांसद नायब सैनी को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौंपी गई है, ऐसे में जवाहर यादव की संगठन में एंट्री आसान होगी।
जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश होगी
वहीं, इन खाली पदों पर जमने के लिए अफसरशाही से लेकर संगठन के नेताओं ने पूरा जोर लगा दिया है। पूर्व मंत्री, भाजपा संगठन में बड़े ओहदेदार से लेकर कई अन्य लोग दिल्ली दरबार में भी हाजिरी भर रहे हैं। 2024 में चुनाव होने हैं, ऐसे में अब सीएमओ में जो भी एंट्री होगी वह चुनावों के हिसाब से होगी। बताया जा रहा है कि सीएमओ में भी जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की जाएगी, ताकि किसी एक जाति विशेष के लोगों की संख्या अधिक न हो।