फिरोजपुर के अबोहर से सटे पड़ोसी राज्य राजस्थान के शहर श्रीगंगानगर में पोस्त लेने गए पंजाब के लोगों को वहां की पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
पंजाब से पोस्त लेन के लिए बिना परमिटधारी वहां पहुंचे थे। वहां पर कुछ बिना परमिटधारियों को पोस्त मिलने और पंजाबियों को पोस्त देने से इनकार करने पर हालात बेकाबू हो गए।
केंद्रीय बस अड्डे के सामने ठेके पर मंगलवार को हजारों लोग पहुंचे थे। पोस्त न मिलने पर ये लोग उग्र हो गए और दोपहर में तीन बजे के करीब ठेके पर हमला कर दिया।
इस दौरान किए गए पथराव की चपेट में आकर छह से आठ पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मियों के साथ ही राहगीर भी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने मौके पर लाठीचार्ज कर दिया।
इस पर गुस्साए पोस्तियों ने ठेके के आसपास दुकानों पर पत्थर बरसाए और आबकारी विभाग की एक सरकारी जीप तहस-नहस कर दी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से अतिरिक्त पुलिस बल मांगा और पोस्तियों को ढूंढ-ढूंढकर पीटा।
श्रीगंगानगर में सुबह केंद्रीय बस अड्डे और सूरतगढ़ बाईपास पर दूसरे ठेके पर सुबह 11 बजे बिक्री शुरू करवाई गई थी। इनसे बिना परमिटधारी पोस्तियों को दूर रखा गया।
यहां पर सिर्फ परमिटधारी व्यसनियों की ही लाइन लगवाई गई थी। इस दौरान दोनों जगहों पर बिना परमिटधारी पोस्ती, जिनमें ज्यादातर पंजाब के थे, बार-बार ठेकों के पास एकत्रित हो जाते। पुलिस उन्हें बार-बार हटा देती।
हालात दोपहर दो बजे मिनी मायापुरी मार्केट वाले ठेके पर हालात उस वक्त बेकाबू हुए, जब बिना परमिटधारी पोस्तियों ने देखा कि ठेके पर तैनात पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी अपने चहेतों को बिना परमिट के ही पोस्त दिलवा रहे हैं।
इससे गुस्साए पोस्तियों ने करीब तीन बजे एकाएक तीन तरफ से पथराव शुरू कर दिया और ठेके की ओर बढ़ने लगे। अचानक हुए पथराव से पुलिसकर्मी मौके से भाग निकले। भीड़ ने ठेके के पास खड़ी आबकारी निरीक्षक गिरधारीसिंह की गाड़ी को तोड़ डाला। सूचना मिलते ही अवर एसपी मनोज चौधरी, डीएसपी (शहर) राजेंद्र ढिढारिया, कोतवाल विष्णु खत्री आदि मौके पर पहुंच गए।
सरकारी मूल्य 500 रुपये बिका 1500 में
सुबह एक ट्रक पोस्त यहां पहुंचा, जिसका वितरण आबकारी विभाग के अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में करवाया। मिनी मायापुरी मार्केट के ठेके पर सरकारी मूल्य के अनुसार 500 रुपये किलो पोस्त बेचा गया। मगर सूरतगढ़ बाईपास ठेके पर आज भी 1500 रुपये किलो पोस्त दिया गया।
आज से ही शुरू किए थे प्रयास
जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों ने आज से ही पोस्त के वितरण की व्यवस्था को सुचारु बनाने के प्रयास शुरू किए थे। यह प्रयास दोपहर में मौके पर मौजूद पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और ठेकेदारों से मिलीभगत के चलते फेल हो गए।