सेक्टर-22 के हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में मरीज का ब्लड ग्रुप पाजीटिव था, जब उसे रिपोर्ट दी गई तो उसे निगेटिव बता दिया गया।
जब उन्होंने इसकी जांच प्राइवेट लैब में करवाई तो उनके जान में जान आई। रिपोर्ट में फिर से ब्लड ग्रुप पाजिटिव आया। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के आला अधिकारियों से की।
उन्होंने माना कि उनकी ओर से गलती हुई है। पीड़ित का कहना है कि वे इस मामले को ऊपर तक लेकर जाएंगे। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट वंदना गुप्ता का कहना है कि उन्हें फिलहाल इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन यदि शिकायत आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक अमित कुमार सैनी की पत्नी मोनिका गर्भवती हैं और उनका इलाज सेक्टर 22 स्थित हेल्थ कम्युनिटी सेंटर में चल रहा है।
डाक्टरों ने उनसे ब्लड की जांच कराने को कहा था। अमित को मालूम था कि मोनिका का ब्लड ग्रुप एबी पाजीटिव है। जांच के बाद जब लैब रिपोर्ट सामने आई तो मोनिका का ब्लड ग्रुप एबी निगेटिव बताया गया है।
रिपोर्ट देखकर अमित को विश्वास ही नहीं हुआ कि ब्लड ग्रुप कैसे बदल सकता है। इस बारे में उसने हेल्थ सेंटर से बात की थी, तो उन्हें वहां से कोई रिस्पांस नहीं मिला।
अमित ने सोचा कि एक बार इसकी जांच प्राइवेट लैब में करवानी चाहिए। उसने प्राइवेट लैब में दो बार जांच करवाई। दोनों ही जांच में एबी पाजीटिव की रिपोर्ट आई।
रिपोर्ट देखते ही अमित को विश्वास हो गया कि लापरवाही कम्युनिटी हेल्थ सेंटर की ओर से की गई है। उसने यह बात आला अधिकारियों को बताई।
आला अधिकारियों ने भी अपने स्तर पर इस मामले की जांच कराई तो लापरवाही की पुष्टि हो गई। अमित का कहना है कि वे इस मामले की शिकायत हेल्थ प्रशासन से करेंगे।