दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही केजरीवाल के सियासी तेवर देखने को मिले।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी तमाम चुनावी रैलियां व रोड शो छोड़कर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। जेल से बाहर निकलते ही केजरीवाल ने अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटी के अलावा सीएम मान और पंजाब से राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक से मुलाकात की। केजरीवाल के जेल से बाहर आते ही अब पंजाब में आप की चुनावी धार तेज होगी।
सत्तारूढ़ दल होने के नाते आप का कांग्रेस, भाजपा और शिअद से सीधा मुकाबला है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिस कदर पार्टी ने जनाधार जुटाया है, उसे लोकसभा चुनाव में दोहराने का प्रयास होगा। सीधे तौर पर कांग्रेस के लिए चुनौतियां आने वाले दिनों में ज्यादा बढ़ेंगी। इंडिया गठबंधन में बेशक आप और कांग्रेस एक दूसरे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं, लेकिन पंजाब में दोनों के बीच रोजाना टकराव देखने को मिल रहा है। केजरीवाल के बाहर आते ही पंजाब का सियासी पारा भी बढ़ेगा।
लोकतंत्र को बचाने के लिए अब शिद्दत से लड़ेंगे: मान
तिहाड़ से केजरीवाल की रिहाई होते ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने एक्स पर पोस्ट किया कि अब हम लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई को और शिद्दत के साथ लड़ेंगे। सीएम ने लिखा कि अरविंद केजरीवाल एक व्यक्ति नहीं एक सोच है और अब इस सोच को और तेजी के साथ आगे लेकर बढ़ेंगे। आंखों के इलाज के कारण विदेश गए राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हर देशवासी की आंखें खुशी से नम हैं, उनके भाई उनके बेटे अरविंदर केजरीवाल जेल से बाहर आने वाले हैं। लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए सुप्रीमकोर्ट का आभार।
आप के प्रत्याशियों, मंत्रियों और विधायकों में जोश
केजरीवाल के जेल से बाहर आते ही पंजाब में आप प्रत्याशियों, मंत्रियों और विधायकों में जोश देखने को मिल रहा है। पंजाब के मंत्री चेतन सिंह जोड़ामाजरा, डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. हरपाल चीमा, गुरमीत मीत हेयर और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता व विधायकों ने कहा कि इससे पार्टी को बल को मिलेगा। सीएम केजरीवाल ने जिस प्रकार दिल्ली में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और क्षेत्रों में कार्य किए हैं, उन्हें पंजाब में सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में लागू किया जा रहा है।