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नागरिकता संसोधन कानून पर पंजाब में सियासत गरमाई, विरोध में मालेरकोटला पूर्ण बंद 

Fri, 13 Dec 2019 11:05 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/संगरूर
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मालेरकोटला में नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में बंद पड़े बाजार।
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नागरिकता संसोधन कानून को लेकर पंजाब में सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने कहा है कि सीएम ने गांधी परिवार को खुश करने के चक्कर में सिखों और हिंदुओं की अनदेखी की। जोकि पड़ोसी देशों में तीसरे दर्जे के नागरिक की तरह रहने को मजबूर हैं।

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चुघ ने कहा कि कांग्रेस और इसके सहयोगी फिर वोट बैंक की सियासत खेल रहे हैं। यह हैरानी की बात है कि खुद को सिखों का हितैषी बताने वाले कैप्टन केंद्र सरकार द्वारा लाखों सिखों, हिंदुओं, पारसी, जैन, बौद्ध, ईसाइयों के हित में लाए गए बिल का विरोध कर रहे हैं। जोकि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में बुरी दशा में रह रहे हैं। 

कैप्टन ने आसानी से सिख और हिंदू युवतियों के साथ जो हो रहा है, भुला दिया। अपनी मर्जी के बिना धर्म बदलने को मजबूर किया जा रहा है। चुघ ने कहा कि कैप्टन उस समय यह कर रहे हैं जब सिख भाईचारा श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मना रहा है। एक्ट न लागू करने का एलान कर उनका स्टैंड साफ हो गया है। इसका मतलब उनकी सरकार लाखों हिंदुओं और सिखों को राहत से इनकार कर रही है। उन्होंने लाखों रिफ्यूजी को नागरिकता न देने के लिए कांग्रेस की निंदा की।

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'कैप्टन ने सिखों की पीठ में फिर छुरा घोंपा'

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिर सिखों की पीठ में छुरा घोंपा है। साथ ही साबित किया है कि वह असली कांग्रेसी है। सिरसा ने नागरिकता संशोधन बिल पंजाब में लागू न करने के कैप्टन के एलान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई।

सिरसा ने कहा कि आजादी के बाद कई सालों से अफगानिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर से आए सिख परिवार भारतीय नागरिकता की आशा कर रहे थे। वह तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने उन्हें नहीं दी, पर अब मिल जाएगी। सिखों को उम्मीद थी कि एक सिख होने के नाते कैप्टन गांधी परिवार के रास्ते पर नहीं चलेंगे। उन परिवारों को राहत देंगे जो यहां अपना जीवन सुधारने की उम्मीद से आए हैं। 

सिरसा ने कहा कि उन्हें पंजाब सीएम के एलान से दुख पहुंचा है। क्योंकि सिख भाईचारे को इस बिल का सबसे ज्यादा लाभ होना था। पर कैप्टन के एलान ने उन सिख परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है, जो इस आशा से आए थे कि भारत में वे सुरक्षित होंगे। पर उन्हें नहीं पता कि यहां गांधी परिवार के कुछ वफादार रहते हैं। जो गांधी परिवार के आदेश पर सिखों के लिए किसी भी राहत का विरोध करने में आगे रहते हैं।
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मालेरकोटला पूर्ण बंद

उधर, नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शुक्रवार को पंजाब का मालेरकोटला पूर्ण रूप से बंद रहा। इस दौरान शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थान, व्यापारिक अदारे, सब्जी मंडी बंद रहीं। सुरक्षा के मद्देनजर भारी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात रहे। मालेरकोटला के सरहंदी गेट में मुस्लिम भाईचारे ने जुमा की नमाज अदा करने के बाद कानून के विरोध में रोष प्रदर्शन किया।

इस मौके पर मुफ्ती इरतका-उल-हसन-कांधलवी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्षता की मूल भावनाओं के विरुद्ध है और यह गैर-संवैधानिक है। कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने केंद्र सरकार की तरफ से एनआरसी और सीएबी को पास करना एक साजिश करार देते कहा कि इस बिल से देश के अल्पसंख्यक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। 

दूसरी तरफ, मुस्लिम फेडरेशन ऑफ पंजाब के अध्यक्ष एडवोकेट मुबीन फारूकी और मुस्लिम-सिख फ्रंट पंजाब के नेता वसीम शेख ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता संशोधन कानून देश के संविधान की भी तौहीन करता है। देश की तरक्की और आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए यह कानून वापस लिया जाए। 
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