खास बात यह भी है कि प्रताप बाजवा से शनिवार को ही नवजोत सिंह सिद्धू ने मुलाकात करते हुए सहयोग मांगा था। सिद्धू ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह दूलो से भी मुलाकात की लेकिन पता चला है कि शमशेर सिंह दूलो ने नवजोत सिद्धू को बताया कि प्रधान पद के लिए उन्होंने खुद का दावा पेश किया है और वे हाईकमान के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
दूलो ने हाईकमान को पत्र लिखकर पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान पद के लिए फिर से अपना दावा प्रस्तुत करते हुए कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री जाट सिख हैं, ऐसे में प्रदेश प्रधान पद के लिए दलित नेता को मौका दिया जाना चाहिए।
कैप्टन-बाजवा मुलाकात के नए मायने
प्रताप बाजवा और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच मतभेद जगजाहिर हैं। बीते चार साल के दौरान बाजवा कैप्टन के कामकाज पर लगातार उंगली उठाते रहे हैं। लेकिन ताजा सिद्धू प्रकरण पर शनिवार को बाजवा का अचानक सिसवां फार्म हाउस पहुंचकर कैप्टन से मिलना नए समीकरणों की तरफ इशारा कर रहा है।
बाजवा बेअदबी के मामले को लेकर सिद्धू के बयानों का समर्थन करते रहे हैं लेकिन उन्हें बड़ा ओहदा दिए जाने को लेकर उन्होंने कभी अपने पत्ते नहीं खोले। कैप्टन और बाजवा, दोनों दिग्गज नेताओं की ताजा मुलाकात को लेकर माना जा रहा है कि दोनों नेता हाईकमान के एकतरफा फैसले से आहत हैं और सीनियर नेताओं को प्रदेश की सियासत से अलग-थलग करने की कोशिश मान रहे हैं। फिलहाल बाजवा ने ताजा घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है।