हरियाणा में गठबंधन सरकार में शराब घोटाले को लेकर सियासत गर्म हो गई है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पूर्व विधायक सतविंद्र राणा का पक्ष लिया है। यहां पत्रकारों से बातचीत में दुष्यंत ने कहा कि एफआईआर में नाम शामिल होना किसी को दोषी साबित नहीं करता। डिप्टी सीएम ने कहा कि पूर्व विधायक सतविंदर सिंह राणा के गोदाम में तो खुद चोरी हुई है।
इस लिहाज से वह तो खुद शिकायतकर्ता हैं फिर भी पुलिस प्रशासन अपना काम कर रहा है। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। दुष्यंत ने कहा कि पूर्व विधायक राणा पर कोई सीधा आरोप नहीं है और ना ही एफआईआर में उनका कोई नाम है। उन्हें हिरासत में लेना जांच प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
यदि किसी को जांच के दौरान पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाता है तो इससे संबंधित कोई व्यक्ति दोषी साबित नहीं हो जाता। किसी को दोषी साबित करना या नहीं करना यह एक कानूनी प्रक्रिया है। दुष्यंत ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति आरोप-प्रत्यारोप का खेल उचित नहीं है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व नेता प्रतिपक्ष पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पूर्व विधायक राणा पर न तो कोई एफआईआर है और ना ही कोई संगीन आरोप हैं।
मौजूदा नेता प्रतिपक्ष और पूर्व नेता प्रतिपक्ष पर तो गंभीर आरोपों में सीबीआई के केस दर्ज हैं। मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है। जब तक कोई फैसला नहीं आ जाता, तब तक उन्हें भी दोषी करार नहीं दिया जा सकता। ऐसे में पूर्व विधायक राणा को अभी से दोषी मान लेना ठीक नहीं है। बताते चलें कि संबंधित शराब घोटाले में पूर्व विधायक सत्येंद्र राणा को पानीपत सीआईए ने चंडीगढ़ एमएलए हॉस्टल परिसर से पूछताछ के लिए गुरुवार को हिरासत में लिया था।