कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मतभेद खत्म होने के आसार हैं। यह संकेत सिद्धू के ट्वीट से मिले हैं। दरअसल, पटियाला में डेरा जमाए बैठे नवजोत सिंह सिद्धू पिछले कई दिनों से लगातार पंजाब में छाए बिजली संकट को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार पर हमला बोलते आ रहे थे। लेकिन शनिवार शाम सिद्धू ने जो ट्वीट किए, उनमें उन्होंने पंजाब में बिजली संकट को लेकर आप और शिअद (बादल) पर निशाना साधा।
नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार शाम ट्वीट किया कि आज पंजाब की बर्बादी के लिए तैयार ताकतें साफ दिखाई दे रही हैं। दिल्ली सरकार चाहती है कि पंजाब के बिजली संकट के बीच प्रदेश की जीवन रेखा सरकारी थर्मल प्लांट बंद हो जाएं और इस भीषण गर्मी में पंजाबियों को मजबूर छोड़ दिया जाए।
पंजाब के किसान धान के इस सीजन में परेशानियों का सामना करें। वहीं दूसरे ट्वीट में सिद्धू ने कहा कि बादलों द्वारा किए बिजली खरीद समझौते पंजाब को लूट रहे हैं। बादलों ने सौर ऊर्जा के लिए 25 सालों के लिए पीपीए पर 5.91से 17.91 रुपये प्रति यूनिट पर हस्ताक्षर किए।
सियासी दलों के आरोप राजनीति से प्रेरित: आप
पंजाब के थर्मल प्लांटों के बारे में आम आदमी पार्टी पर सियासी दलों के आरोपों को हरपाल सिंह चीमा ने राजनीति से प्रेरित बताया है। अकाली दल ने गलत बिजली समझौते कर पंजाब के लोगों के हाथ काटकर निजी कंपनियों को दे दिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ उनकी मिलीभगत होने के कारण वह कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
अकाली दल व कांग्रेस का एक ही एजेंडा है कि पंजाब के लोगों को गुमराह करके कैसे सत्ता ली जाए। इसे आप कभी पूरा नहीं होने देगी। जैसे दिल्ली में अरविंद केजरीवाल लोगों को सस्ती व 24 घंटे बिजली मुहैया करवा रहे हैं, उसी तरह पंजाब में सरकार बनने के बाद दिल्ली मॉडल को पंजाब में लागू किया जाएगा।