हरियाणा के मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के मुद्दे को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस और इनेलो ने विधानसभा में कई बार सरकार को घेरा है।
इनेलो के प्रधान महासचिव और विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पिछले दस साल में भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं का भट्ठा बैठा दिया है। अस्पतालों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक में डॉक्टर नहीं हैं। इतना ही नहीं सहयोगी स्टाफ की भी भारी कमी है। वहीं, इससे पहले कांग्रेस ने भी दस साल तक प्रदेश में राज किया, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने भी गंभीरता नहीं दिखाई। उस समय भी डॉक्टरों के पद खाली थे और आज भी वो खाली ही पड़े हैं। इनेलो-बसपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। गुप्ता ने कहा कि अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में न तो डॉक्टर हैं और न ही दवाएं। अधिकतर अस्पतालों के भवन जर्जर हैं तो उपकरणों और दवाइयों की भी कमी है। कई जिलों में तो गायनी की डॉक्टर तक नहीं हैं। इसके अलावा, विशेषज्ञ डॉक्टर भी भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार मेडिकल कॉलेजों को लेकर केवल भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। असल में आज तक एक भी नया मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं हो पाया है। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर दिल्ली की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जाएगा और लोगों को उनके घर के नजदीक सेवा देने के लिए मोहल्ला क्लीनिक शुरू किए जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार सरेआम झूठ बोल रही है। बड़े-बड़े पोस्टरों में बताया जा रहा है कि हरियाणा के 15 जिलों में मेडिकल कॉलेज हैं, जबकि यह सबसे बड़ा झूठ है। पिछले दस साल में भाजपा सरकार एक भी मेडिकल कॉलेज न तो बना पाई है और न ही शुरू कर पाई है। करनाल मेडिकल कॉलेज कांग्रेस सरकार के समय बना था। इसके बाद भाजपा केवल घोषणाएं करके लोगों को भ्रमित कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत तक डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के पद खाली होना साफ संकेत देता है कि सरकार का स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई ध्यान नहीं है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों डॉक्टरों को भी अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल करनी पड़ी थी। कांग्रेस इसीलिए भाजपा से हिसाब मांग रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर सुदेश कटारिया ने कहा कि विपक्षी दलों को हरियाणा की सुधरती सेहत हजम नहीं हो रही है। खुद के शासन काल में न तो कांग्रेस ने कभी मेडिकल कॉलेजों के बारे में सोचा और न इनेलो ने। आम आदमी पार्टी का हरियाणा में कोई अस्तित्व ही नहीं है। हकीकत ये है कि जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2014 में प्रदेश की कमान संभाली थी तो उस समय प्रदेश में एक सहायता प्राप्त समेत मात्र 6 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज इनकी संख्या 15 हो गई है। पहले एमबीबीएस की सीटें मात्र 700 थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 2185 पहुंच गई