CM Parkash singh badal & Sukhbir singh badal
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बरगाड़ी और बहिबल कलां कांड में एसआईटी द्वारा पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर बादल को समन जारी किए जाने से पंजाब में बड़ा सियासी प्रभाव होने की उम्मीद है। सूबे में दिसंबर में पंचायत, एसजीपीसी और अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में शिअद अगर चक्रव्यूह में फंस जाती है तो निश्चित तौर पर विरोधी दलों को इसका सियासी लाभ मिलेगा।
बेअदबी कांड में पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ अपने बयान दर्ज करवा चुके हैं, जिसमें वह बादल परिवार को क्लीन चिट दे गए हैं। बरगाड़ी में मोर्चा लगा हुआ है, जिसमें दोषियों पर कार्रवाई की मांग चल रही है। वहीं आप विधायक फुलका भी इसी मामले में इस्तीफा देने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में बहिबल और बरगाड़ी कांड को लेकर सत्ताधारी पार्टी व एसआईटी पर पूरा प्रेशर चल रहा है।
इसी बीच सुखबीर व प्रकाश सिंह बादल को एसआईटी द्वारा तलब किये जाने से सत्ताधारी पार्टी अब यह बात कह सकती है कि उनके द्वारा गठित टीम लगातार जांच कर रही है, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। बादल परिवार को बचाने के आरोप जो कैप्टन अमरिंदर सिंह पर लग रहे हैं, उसका एक काउंटर तैयार हो गया है। वहीं सियासी माहिर बता रहे हैं कि समन जारी होने से अकाली दल की उलझन बढ़नी तय है और आगामी तीन चुनाव में सियासी लाभ विरोधी दलों को मिलना तय है।