भाजपा का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा, इस पर चल रही सियासी जोर आजमाइश में तेजी आ गई है। चुनाव की अहमियत को देखते हुए केंद्रीय आलाकमान ने ऑब्जर्वर के तौर पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल की नियुक्ति भी कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की तारीख का एलान भी कर दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार पीयूष गोयल कुछ दिनों में चंडीगढ़ भी आएंगे और प्रदेश अध्यक्ष के चयन से पहले प्रदेश भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे। उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की तरफ से अपने चहेतों के लिए लॉबिंग जारी है। संजय टंडन, किरण खेर और सत्यपाल जैन शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अपने पसंदीदा नेताओं की मजबूत दावेदारी प्रस्तुत करने में लगे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने की रेस में इस समय सतिंदर सिंह, अरुण सूद, देवेश मोदगिल, आशा जसवाल, शक्ति प्रकाश देवशाली, चंद्रशेखर, संजीव वशिष्ठ, प्रदीप शर्मा हैं।
दो जिला अध्यक्ष के चुनाव अभी बाकी
30 नवंबर पर प्रदेश चुनाव अधिकारी प्रेम कौशिक को सभी बूथ, मंडल और जिला अध्यक्षों के चुनाव संपन्न कराने थे लेकिन पांच में से अभी सिर्फ तीन ही अध्यक्ष चुने गए हैं। प्रदेश चुनाव अधिकारी प्रेम कौशिक ने चुनावों के लेट होने पर कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से बाहर थे, इस वजह से चुनाव नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि पांच में से तीन जिला अध्यक्ष चुन लिए गए हैं इसलिए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में कोई समस्या नहीं आएगी। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है, इसलिए जिला अध्यक्षों के लिए अब पीयूष गोयल से मंजूरी लेनी होगी।