हरियाणा सरकार ने विभिन्न सरकारी विभाग, बोर्ड और निगमों के जरिए किए जाने वाले सरकारी लेन-देन में पारदर्शिता के लिए नीति बनाई है।
सरकार ने निर्णय लिया है कि इस कार्य के लिए पहले से सूचीबद्ध किए गए सार्वजनिक क्षेत्र के 26 बैंक तथा छह निजी बैंक सूचीबद्ध रहेंगे।
वित्त विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सूचीबद्ध बैंक तब तक सूचीबद्ध रहेंगे, जब तक की संस्थागत वित्त एवं ऋण नियंत्रण विभाग द्वारा उन्हें सूची से हटाए जाने का फैसला नहीं लिया जाता।
सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर और निजी बैंकों को भी सूचीबद्ध किया जा सकता है।
राज्य द्वारा सूचीबद्ध किए गए सभी बैंकों को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी या सरकार द्वारा उनके लिए निर्धारित किए गए लक्ष्यों के आधार पर सरकार के विभिन्न प्रायोजित कार्यक्रमों में भाग लेने की आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
सरकार द्वारा मांगी गई सूचना उपलब्ध न करवाने वाले या एक वर्ष के लिए लगातार निर्धारित लक्ष्यों को पूरा न करने वाले बैंकों को सूची से हटा दिया जाएगा। इन बैंकों के साथ कोई सरकारी कार्य नहीं किया जाएगा।