चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस पहली बार बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। विदेशों में छिपे कुख्यात गैंगस्टरों और नशा तस्करों को भारत लाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए पुलिस छह बड़े भगौड़ों का आपराधिक डोजियर तैयार कर रही है। सूची में सबसे चर्चित नाम गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का है। उस पर चंडीगढ़ में फिरौती, बम ब्लास्ट और अन्य गंभीर आरोप दर्ज हैं। बराड़ के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों में केस लंबित हैं।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस डोजियर को सीबीआई को सौंपेगी। सीबीआई को नोडल एजेंसी बनाया गया है और इंटरपोल की मदद से इन भगौड़ों को भारत लाया जाएगा। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि विदेशों में छिपे आरोपियों की लिस्ट बनाकर आपराधिक डोजियर तैयार किया जाए।
हरियाणा के जींद निवासी रणदीप मलिक पर सेक्टर-26 स्थित क्लब के बाहर बम धमाका करवाने का आरोप है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में हिसार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ कि धमाके की साजिश रणदीप और गोल्डी बराड़ ने रची थी।
लॉरेंस बिश्नोई विरोधी गैंग का सरगना लक्की पटियाल, जो रोमानिया में छिपा है, उस पर चंडीगढ़ के सेक्टर-38 में सुरजीत बाउंसर और गोल्डी बराड़ के भाई पूर्व सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या का आरोप है। उसके खिलाफ पंजाब और हरियाणा में भी कई मामले दर्ज हैं। वहीं गोल्डी बराड़ का करीबी रोहित गोदारा भी डोजियर में शामिल है। उसके खिलाफ रंगदारी और हत्या के कई केस दर्ज हैं।
सीबीआई के जरिए इंटरपोल से होगी कार्रवाई
डोजियर में आरोपियों के नाम, फोटो, आपराधिक रिकॉर्ड, ठिकाने और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी होगी। पुलिस ने इनमें से दो अपराधियों पर रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, नशा तस्करी और आतंकी गतिविधियों से जुड़े इन भगौड़ों को जल्द ही भारत लाने की प्रक्रिया शुरू होगी।