मनीमाजरा। आईटी पार्क में बीते सोमवार देर रात 10 बजे सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पिस्टल दिखाकर कार लूटने के मामले में आईटी पार्क थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ लूटपाट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए शिकायतकर्ता के फोन को सर्विलांस पर लगाया था। इस मामले में पुलिस ने जोमैटो के कर्मचारी भी से पूछताछ की थी। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार रोहतक के आदित्य ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वे आईटी पार्क स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। सोमवार देर रात साढ़े नौ बजे जोमैटो से रात का खाना आर्डर किया था। तभी उनके पापा का फोन आया तो वे ऑफिस से बाहर डीएलएफ के साथ लगती पार्किंग में अपनी वरना कार (एचआर-20-एक्स-5155) में आ गए। वह अपने पापा से बात कर रहे थे। इसी दौरान जोमैटो के कर्मचारी ने उनको फोन किया तो उन्होंने उसे भी वहीं पर बुला लिया। जैसे ही वह कार में बैठने लगे तभी पीछे से एक युवक उनकी कार में घुसा और उन्हें धक्का मारकर धमकाने लगा। इसके बाद पिछली सीट पर दो युवक और आकर बैठ गए। इसमें एक युवक ने पिस्टल निकालकर उसके सिर पर तान दी और धक्का मार कर कार से नीचे गिरा दिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते तीनों आरोपी उसकी कार को पंचकूला की ओर लेकर फरार हो गए। कार के साथ आरोपी आदित्य का फोन और पर्स भी साथ ले गए। आदित्य के पर्स में तीन हजार नकद और कार के कागज भी मौजूद थे। सूचना पाते ही मौके पर थाना प्रभारी लखबीर सिंह मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने कार और आरोपी को ढूंढने के लिए चारों ओर नाकाबंदी कर दी। हालांकि, पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए शिकायतकर्ता के फोन को सर्विलांस पर लगाया था। मोबाइल लोकेशन एमडीसी डॉल्फिन चौराहे के आगे की आ रही थी। इसे लुटेरे वहां फेंक कर चले गए थे। पुलिस ने सुबह तीन बजे तक उस एरिया के आसपास की सभी जगह पर सर्च की तो मोबाइल मिल गया। मोबाइल लोकेशन के वहां आने से पुलिस को पहले अंदेशा लगा कि लुटेरे यहां कार छोड़ कर चले गए हैं, यहीं कहीं छुपे हैं, लेकिन अकेला मोबाइल मिलने के बाद पुलिस ने हरियाणा पुलिस को भी कार लूट के आरोपियों को पकड़ने में मदद मांगी। वहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे।