इसके बाद क्लब में बम की खोज शुरू की गई। काफी देर तक क्लब में छानबीन की गई लेकिन कोई बम नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। सेक्टर-26 थाना के एसएचओ मनिंदर सिंह ने कहा कि क्लब के मैनेजर के पास बम होने का एक फोन आया था। इसके बाद क्लब की जांच की गई।
पुलिस की तरफ से बताया गया कि कॉल फर्जी थी। इसके बाद केस दर्ज कर लिया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि कॉल किसने की थी और ऐसा करने के पीछे मकसद क्या था। लगातार मिल रहे बम की सूचना से सुरक्षा पर भी सवाल शहर में एक साल में चौथी बार बम की सूचना मिली है।
चंडीगढ़ दो राज्यों की राजधानी होने के साथ नेताओं और अधिकारियों का गढ़ भी है। दो राज्यों के सीएम आवास के साथ हाईकोर्ट भी है इसलिए, बार-बार बम की सूचना से सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। 24 जनवरी को सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत और आईएसबीटी-43 में बम होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने छह घंटे ऑपरेशन चलाया लेकिन कुछ नहीं मिला।
दो जनवरी को चंडीगढ़-नयागांव सीमा स्थित राजेंद्रा पार्क में पुलिस को बम शेल मिला था। पास में ही सीएम आवास भी था, इस वजह से करीब दो दिन तक इलाका छावनी बना रहा। पुलिस के साथ सेना भी मौके पर पहुंची और करीब 22 घंटे ऑपरेशन चलाकर बम शेल को सेना अपने साथ ले गई। इसके अलावा पिछले साल अप्रैल में बुड़ैल जेल की दीवार के पास टिफिन बम मिला था।
डिफ्यूज करने के लिए पहले चंडीमंदिर से आर्मी की बम डिस्पोजल टीम के साथ मानेसर से एनएसजी की टीम भी बुलानी पड़ी। कई घंटों की जद्दोजहद के बाद रोबोट की सहायता से टिफिन बम डिफ्यूज किया गया था।