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चंडीगढ़: आरोपी को बिना मास्क अदालत में किया पेश, जज बोले- पुलिस के पास पैसे नहीं तो हमसे ले जाए 5000 रुपये

Thu, 08 Jul 2021 09:29 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

संपत्ति विवाद में पुलिस ने अदालत में बिना मास्क के आरोपी को पेश कर दिया। यह देख जज ने कहा कि अगर पुलिस के पास पैसे नहीं हैं तो वह हमसे ले जाए। इसके बाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-2 ने संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई का आदेश भी दिया। आयोग ने यह हैरानी जताई कि केंद्र सरकार के निर्देश का सरकारी विभाग भी पालन नहीं कर रहे हैं।
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फाइल फोटो। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चंडीगढ़ उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-2 में पुलिस ने एक आरोपी को बिना मास्क पहने जज के सामने पेश कर दिया। जब जज ने आरोपी से मास्क नहीं पहनने का कारण पूछा तो आरोपी ने बताया कि उसे जेल में मास्क दिया ही नहीं गया। इस पर जज भड़क गए और कहा कि अगर पुलिस के पास पैसे नहीं हैं तो वह आयोग से 5000 रुपये ले ले।

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मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा है और आरोपी बिल्डर को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-2 में पेश करने के आदेश दिए गए थे। आयोग के अध्यक्ष राजन दीवान, सदस्य प्रीति मल्होत्रा और बीएम शर्मा ने अपने लिखित आदेश में कहा है कि हेड कांस्टेबल मनदीप सिंह ने आरोपी रवि गंभीर को कोर्ट में पेश किया। 

आरोपी ने मास्क नहीं पहना हुआ था। इस बारे में जब हेड कांस्टेबल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पेश करने के लिए उन्हें जब आरोपी मिला तो उसने पहले से ही मास्क नहीं पहना हुआ था। इस पर जब आरोपी से पूछा गया तो उसने कहा कि जेल में मास्क नहीं था। इस वजह से बिना मास्क ही आना पड़ा। 

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आयोग ने पाया कि यह कोरोना के दिशा निर्देश का उल्लंघन है। इसलिए उन्होंने मॉडर्न जेल के जेल सुपरिंटेंडेंट को आदेश दिए कि वह ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करें, जो आरोपियों व कैदियों को मास्क भी मुहैया नहीं करा पा रहे हैं। आयोग ने कहा कि मास्क नहीं पहनना एक अपराध है। ऐसे में आयोग के सामने पेश होने के लिए आने पर भी मास्क नहीं देना यह गंभीर बात है।

हैरान करने वाली बात है, सरकारी विभाग ही निर्देश की अवहेलना कर रहे: आयोग
आयोग ने कहा कि यह बहुत हैरान करने वाली बात है कि सरकारी विभाग ही भारत सरकार के दिशानिर्देश की अवहेलना कर रहे हैं। आयोग ने कहा कि अगर पुलिस विभाग के पास पैसों की कमी है, जिससे कि वह मास्क नहीं खरीद पा रहा तो वह आयोग से संपर्क करे। आयोग पुलिस को 5000 रुपये देने को तैयार है। 

पुलिस विभाग आईएफएससी कोड के साथ बैंक खाता भी भेज सकता है, ताकि यह राशि उनके खाते में भेजी जा सके। आयोग ने कहा कि यह अच्छा काम है, इसलिए आयोग खुशी-खुशी इसे करना चाहेगा। मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को 20 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब 27 जुलाई को दोबारा आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष राजन दीवान, सदस्य प्रीति मल्होत्रा और बीएम शर्मा के इस आदेश की कॉपी मॉडर्न जेल के जेल सुपरिंटेंडेंट को भी भेजी गई है, ताकि वह इस संबंध में आगे की कार्रवाई कर सकें।
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