चंडीगढ़ के कजहेड़ी में मंगलवार रात को युवक के अपहरण की सूचना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही ऑपरेशन सेल, जिला अपराध प्रकोष्ठ, अपराध शाखा और सेक्टर-36 थाना पुलिस मौके पर दौड़ी। जांच में पता चला कि मौलीजागरां थाने के मुलाजिम चोरी के मामले में एक युवक को पकड़ने आए हैं। जांच के बाद युवक को छोड़ दिया गया।
ये था पूरा मामला
मौलीजागरां के विकासनगर में एक कंपनी में काम करने वाले व्यक्ति का पर्स चोरी हुआ था। उसमें एक एटीएम था, जिसमें से लगभग एक लाख रुपये चोरी कर लिए गए। मौलीजागरां थाना पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जीरकपुर से एटीएम से एक लाख रुपये निकले हैं। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में तीसरे आरोपी की तलाश थी। पुलिस को पता चला कि तीसरा आरोपी कजहेड़ी में है।
इसके बाद मौलीजागरां थाने के मुलाजिमों ने कजहेड़ी में छापेमारी कर युवक करन को पकड़कर हिरासत में लिया। उसकी मां बबीता को लगा कि कुछ लोग उसके बेटे का अपहरण कर रहे हैं। इसके बाद महिला ने 112 नंबर पर कॉल कर दी। इस दौरान कजहेड़ी में जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद मौलीजागरां थाना पुलिस ने जांच कर उसे छोड़ दिया।
सूत्रों ने बताया कि जांच के लिए युवक को उठाने से पहले संबंधित थाने में इसकी जानकारी नहीं दी गई। उस युवक को मौलीजागरां थाने में पहुंचने से पहले ही छोड़ दिया गया। अब सवाल खड़ा यह होता है कि अगर वह युवक चोरी के केस में शामिल नहीं था तो उसे उठाया क्यों था। वह केस में शामिल था तो फिर पुलिस ने उसे छोड़ क्यों दिया।