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एसएसपी ने दिए आत्मरक्षा के टिप्स, बोलीं- असली मर्दानगी लड़कियों को छेड़ने में नहीं, बचाने में है

Wed, 29 May 2019 10:14 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पुलिस की पाठशाला में एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला की ओर से आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में पहुंचीं एसएसपी नीलांबरी विजय जगादले ने कहा कि असली मर्दानगी वह है जो लड़कियों की रक्षा के काम आए। समाज में कुछ ऐसे लड़के हैं जो लड़कियों को छेड़कर अपनी मर्दानगी का सबूत देते हैं, जबकि असली मर्दानगी तो वह जो लड़कियों की रक्षा करने में दिखाएं। उन्हें सम्मान की नजर से देखें।
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मंगलवार को सेक्टर-41ए स्थित गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को ट्रैफिक रूल से लेकर नशा, साइबर क्राइम, गुड टच-बैड टच और छेड़खानी जैसी घटनाओं से निपटने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने कई रोचक सवाल भी पूछे, जिसका एसएसपी ने बहुत सरल भाषा और सटीकता से जवाब दिया।

इस दौरान उन्होंने अमर उजाला के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना चाहिए। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल सुरेश अरोड़ा ने मुख्य अतिथि एसएसपी का स्वागत किया।
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अच्छा नागरिक वही जिसके अंदर सिविक सेंस हो

कार्यक्रम की शुरुआत में एसएसपी ने बच्चों को अच्छे सिटीजन की परिभाषा समझाई। उन्होंने कहा कि अच्छा नागरिक वही है, जिसके अंदर सिविक सेंस हो। बच्चों को साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए। अपने घर, स्कूल और अन्य जगहों पर गंदगी फैलाने से बचना चाहिए। ऊंची आवाज में म्यूजिक न बजाएं। तेज म्यूजिक से आपके आसपास के लोगों को दिक्कत हो सकती है।

ट्रैफिक नियमों के बारे में उन्होंने कहा कि यदि टू व्हीलर चलाते हैं तो हेलमेट जरूर पहें। मम्मी एक्टिवा चलाती हैं तो उन्हें भी हेलमेट पहनने को कहें। साइबर क्राइम के बारे में भी उन्होंने स्टूडेंट को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी मोबाइल का पासवर्ड अपने और भाई बहन के नाम पर न रखे। कभी किसी को अपने फोन का पासवर्ड शेयर न करे।

मोबाइल का डाटा हैक हो सकता है। किसी को भी अपने ओटीपी के बारे में न बताएं। कभी भी बैंक मैनेजर और इंश्योरेंस कंपनी किसी से पासवर्ड के बारे में नहीं पूछती। इसलिए कभी ऐसा फोन आए तो बिल्कुल भी उसे न बताएं। पासवर्ड आसान के बजाए ऐसा बनाए, जो सिर्फ आप ही जान पाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रहना चाहिए।

सेल्फ डिफेंस सीखें

उन्होंने छात्राओं को ज्यादा से सेल्फ डिफेंस सीखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यदि आपमें सेल्फ डिफेंस के गुण हैं तो अपनी रक्षा खुद कर सकती हैं। सेल्फ डिफेंस में कुछ ऐसी तकनीक होती हैं, जिसमें ताकत नहीं सिर्फ हिम्मत की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में चंडीगढ़ पुलिस की ओर से मुफ्त सेल्फ डिफेंस की क्लासेज लगाई जाती हैं, जो 1 जून से शुरू होगी। इसमें किसी भी उम्र की छात्राएं हिस्सा ले सकती हैं।

बैड टच होने पर माता-पिता या पुलिस को बताएं
एसएसपी ने कहा कि आजकल किसी भी बच्चे के साथ गलत हो सकता है। अपनों के बीच सतर्कता बरतने की जरूरत है। बच्चों के साथ हो रहे अपराध में उनके जानकार ही शामिल होते हैं। अगर किसी को भी लगता है कि उसके साथ कोई बैड टच कर रहा है तो उसे चुप नहीं बैठना है। वह अपने पेरेंट्स को बताए या फिर स्कूल टीचर को। 100 नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं। पुलिस आपकी जरूर मदद करेगी।

 
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एसएसपी ने दिए ये टिप्स

- ऑटो में बैठने से पहले मोबाइल से उसकी नंबर प्लैट की फोटो खींचकर पेरेंट्स को भेज दें।
- सूनसान जगहों पर जाने से बचें। यदि जाना है तो पेरेंट्स को जगह का नाम बताकर जाएं।
- एटीएम के पासवर्ड को कहीं भी न लिखे। उसे सिर्फ याद रखें।
- विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान लगाएं। बुरी संगत से बचें।
- करियर में ऐसा नाम कमाएं, जिससे स्कूल के बोर्ड में आपका नाम लिखा हो।
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