स्कूल टीचर की शिकायत करने गए दलित समुदाय के लोगों से डीपीआई कमलेश कुमार भादू ने अपने आफिस में वीरवार को अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि डीपीआई ने समुदाय के लोगों से कहा कि ‘तुम्हारी औकात कैसे हुई, मेरे सामने कुर्सी पर बैठने की। कुर्सी से उठो और नीचे बैठो’।
इतना कहते हुए टीचर के खिलाफ दी गई शिकायत को भी फाड़कर डस्टबिन में डाल दिया। शिकायत की कापी फाड़ने का जब लोगों ने कारण पूछा तो वह बौखला उठे और कहा कि ‘आफिस से खुद बाहर निकल जाओ, नहीं तो धक्के मारकर बाहर निकाल दूंगा’।
डीपीआई के इस व्यवहार से गुस्साए लोगों ने जमकर बवाल काटा और आफिस के गेट पर ही करीब आधे घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस विरोध प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक डीपीआई आफिस में काम ठप रहा।
आरोप: टीचर की प्रताड़ना से बीमार हो गई बच्ची
डड्डूमाजरा कॉलोनी निवासी बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी सेक्टर-38 वेस्ट स्थित गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। आरोप है कि क्लास टीचर पूनम सिरोह उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित करती हैं।
बच्ची अक्सर बताती थी कि टीचर कहती हैं- तुम्हारे मम्मी-पापा शायद तुझसे परेशान हैं। इसलिए तुम्हें जल्दी स्कूल में छोड़ जाते हैं। टीचर के इस बर्ताव से बच्ची मानसिक तनाव में रहने लगी है। वह दो दिनों से बीमार है। डॉक्टर ने उसे दो दिन के बेड रेस्ट की सलाह दी है।
सिक्योरिटी गार्ड से धक्के दिलाकर बाहर निकाला
शिकायतकर्ता ने बताया कि वे टीचर के खिलाफ शिकायत लेकर डीपीआई के पास गए थे। आरोप है कि उन्होंने जैसे ही कहा कि वह दलित समुदाय से हैं, डीपीआई भड़क गए और शिकायत की काफी फाड़कर डस्टबिन में डाल दी और सिक्योरिटी गार्ड से धक्के दिलाकर बाहर निकाल दिया।
मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। ये लोग सोची-समझी साजिश के तहत अंदर आए थे।
- कमलेश कुमार भादू, डीपीआई
अभी तक डीपीआई का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। जैसे ही यह मामला मेरे पास आएगा, इसकी जांच करवाई जाएगी।
- सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी
अगर दलित समाज से दुर्व्यवहार किया गया है तो मामला संगीन है। यदि छात्र के परिजन मुझे लिखित शिकायत देते हैं तो मैं डीपीआई को तलब करूंगा।
- डा. राजकुमार वेरका, वाइस चेयरमैन, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग