चंडीगढ़। सात साल पुराने ठगी और लूट के एक चर्चित मामले में पुलिस की कहनी अदालत में साबित नहीं हो सकी। जिला अदालत ने इस केस में गिरफ्तार सातों आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
बरी किए गए साताें आरोपी बरनाला निवासी अमरबीर सिंह (34), विक्की कुमार (28), भूपिंदर सिंह (47), चरणजीत सिंह (47), पटियाला निवासी मनीष कुमार (28), प्रेम कुमार सिंगला (28) और विरेंद्र सिंह (24) हैं। इन पर आरोप था कि वे बॉलीवुड फिल्म स्पेशल-26 की तर्ज पर इनकम टैक्स अफसर बनकर सेक्टर-52 के एक घर में घुसे और वहां से आठ लाख नकद और सोने के गहने लूटकर ले गए थे।
अदालत में पुलिस अपने आरोपों को साबित करने में नाकाम रही। आरोपियों के वकील ने दलील दी कि पुलिस ने सभी को झूठे मामले में फंसाया। उन्होंने कहा कि एफआईआर में शिकायतकर्ता ने केवल सोने के गहने लूटे जाने की बात कही थी जबकि पुलिस ने आरोपियों से चांदी के गहनों की रिकवरी दिखा दी, जो पूरी तरह मनगढ़ंत थी।
इसके अलावा, पुलिस के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं था जो आरोपियों की संलिप्तता साबित कर सके। अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी सातों आरोपियों को बरी कर दिया।
यह था मामला
पुलिस ने यह केस सेक्टर-52 निवासी पप्पू कुमार की शिकायत पर दर्ज किया था। पप्पू सेक्टर-52 स्थित एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराए पर रहते थे। उन्होंने बताया कि 31 अक्तूबर 2018 की सुबह करीब साढ़े सात बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलने पर कुछ लोग बाहर खड़े थे जिन्होंने इनकम टैक्स विभाग का आई-कार्ड दिखाया और कहा कि वे तलाशी लेने आए हैं। इस दौरान उन्होंने घर से आठ लाख रुपये और सोने के गहने उठाए और जाते समय कहा कि उनका ऑफिस सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे है। वहां आकर वे सबूत दिखाकर सामान वापस ले सकते हैं। जब पप्पू अपने रिश्तेदारों के साथ सेक्टर-43 पहुंचे तो वहां ऑफिस नहीं मिला। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस को शिकायत दी।