गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा के बारे में कई चौंकाने वाले सच सामने आए हैं। पूछताछ में पुलिस को कई जानकारियां मिली हैं। गैंगस्टर संपत नेहरा विदेशी फोन नंबरों का प्रयोग करता था। खास बात यह थी कि पकड़े जाने के डर से संपत हर दसवें दिन नंबर बदल देता था। हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, राजस्थान और पंजाब के लोग लगातार संपत के संपर्क में थे।
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पुलिस ने ऐसे लोगों का ब्योरा तैयार कराना शुरू कर दिया है। गैंगस्टर संपत नेहरा पिछले काफी समय से हरियाणा से लेकर चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान पुलिस के लिए परेशानी का सबब बना था। विभिन्न राज्यों की पुलिस संपत को पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों की खाक छान रही थी मगर सफलता हाथ नहीं लग पा रही थी।
एसआईटी हरियाणा ने संपत को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया था। एसआईटी की पूछताछ में संपत नेहरा ने कई खुलासे किए हैं। एसआईटी सूत्रों ने बताया कि संपत भारत के बजाय विदेशी नंबरों का प्रयोग करता था। पुलिस के पकड़े जाने के डर से वह हर दस दिन में मोबाइल नंबर बदल देता था। फेसबुक पर बनाए गए एकाउंट से भी लोगों से चैट करता था।
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फेसबुक पर अपनी लोकेशन को ऑफ रखता था ताकि कोई सूचना देकर उसे पकड़वा न दे। अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि संपत के संपर्क में हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, राजस्थान व पंजाब के भी कई लोग थे, जिनसे वह अक्सर बात किया करता था। एसआईटी ने ऐसे लोगों का ब्योरा तैयार कराना शुरू कर दिया है। जांच के बाद ऐसे लोगों की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है।
कारौर के आनंद हत्याकांड में जल्द ही पुलिस संपत को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। संपत रोहतक के अन्य किसी भी मामले में वांछित नहीं है।
- जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी
लॉरेंस और संपत के दस फेसबुक एकाउंट पुलिस के राडार पर
संपत नेहरा
भरतपुर जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा के पकड़े जाने के बाद भी उनके फेसबुक अकाउंट अपडेट किए जा रहे हैं। एसआई ने बिश्नोई के छह जबकि संपत के चार फेसबुक एकाउंट राडार पर लिए हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। आशंका है कि उक्त फेसबुक अकाउंट को अन्य लोग ऑपरेट कर रहे हैं।
8 जून को लॉरेंस ने फिर से डाली फेसबुक पर पोस्ट
भले ही लारेंस बिश्नोई भरतपुर की जेल में बंद हो। मगर उसकी एक फेसबुक को तो लगातार अपडेट किया जा रहा है। आठ जून को फिर से करीब शाम पांच बजे लारेंस ने अपनी फेसबुक पर फिर से पोस्ट डाली, जिसमें कहा कि लहजे में बदजुबानी, चेहरे पे नकाब लिए फिरते हैं, जिनके खुद के बहीखाते बिगड़े हैं, वो मेरा हिसाब लिए फिरते हैं।
इसके अलावा लॉरेंस ने अपना फोटो भी डाला है। हिसार एसआईटी के अलावा रोहतक पुलिस भी फेसबुक अकाउंट की जांच में जुट गई है।
दिल्ली, हरियाणा के कई व्यवसायी थे निशाने पर
संपत नेहरा
गैंगस्टर संपत और लॉरेंस के निशाने पर हरियाणा व दिल्ली के कई व्यवसायी थे। रंगदारी वसूलने के बाद दोनों विदेश बसने की तैयारी में थे। हालांकि बीच में लॉरेंस जेल चला गया था। संपत के पकड़े जाने के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संपत व जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई ने दिल्ली व हरियाणा के कई व्यवसायियों से रंगदारी मांगी थी। न देने पर उन्हें मारने की भी धमकी दी थी। हालांकि किसी ने भी दहशत के चलते मामले की शिकायत नहीं की थी। बीच में लॉरेंस जेल चला गया था। जिसके कारण लॉरेंस रंगदारी नहीं वसूल सका। लॉरेंस के जेल से छूटने के बाद दोनों विदेश में बसने की तैयारी कर रहे थे।
हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के लोगों की जून में ही करनी थी हत्या
संपत के निशाने पर हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान के लोग भी थे। जून माह में ही इन लोगों की संपत को हत्या करानी थी। जिनमें हरियाणा के भी तीन लोग शामिल हैं। हैदराबाद से संपत के पकड़े जाने के बाद हिसार एसआईटी उससे पूछताछ कर रही है।
हिसार एसआईटी के सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि संपत की हरियाणा के विभिन्न स्थानों के अलावा पंजाब, राजस्थान के लोगां से रंजिश थी। जनू में ही उसे कई लोगों की हत्या करानी थी। जिनमें तीन लोग हरियाणा के भी हैं। एसआईटी अभी इसका खुलासा नहीं कर रही है।
संपत नेहरा ने ही कारौर में आनंद को मारने को भेजे थे शूटर
संपत नेहरा
चंडीगढ़ से लेकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान पुलिस के लिए सिरदर्दी का सबब बने गैंगस्टर संपत नेहरा ने पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। राजू बसौदी के कहने पर संपत नेहरा ने ही कारौर के पूर्व सरपंच के भाई आनंद को मारने के लिए दो शूटर भेजे थे। इनमें पंजाब का भी एक शूटर था। आनंद को मारने के बाद दोनों शूटर संपत के पास ही जाकर छिपे थे।
हिसार एसआईटी भी संपत को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। गैंगस्टर संपत नेहरा को हरियाणा एसआईटी ने 6 जून को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया था। गैंगस्टर पर जानलेवा हमला, हत्या समेत 12 से अधिक मामले दर्ज हैं। संपत नेहरा के खिलाफ कारौर के आनंद हत्याकांड में भी मुकदमा दर्ज है।
हिसार एसआईटी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संपत ने पूछताछ में बताया कि बीती 27 अप्रैल को कारौर में हुए पूर्व सरपंच के भाई आनंद पहलवान की हत्या में वह खुद शामिल नहीं था। मगर राजू बसौदी ने आनंद को मारने में सहयोग मांगा था। राजू बसौदी उसके गैंग का सदस्य व उसका दोस्त है। नेहरा ने पंजाब व सोनपीत के पलड़ा निवासी दो शूटरों को आनंद को मारने के लिए भेजा था।
बाकि आरोपियों को आनंद के विपक्षियों ने ही उपलब्ध कराया था। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर राजस्थान में सीधे संपत के पास जाकर छिपे थे। जबकि कुछ ने दिल्ली व आसपास रिश्तेदारियों में शरण ली थी। एसआईटी अभी संपत से पूछताछ में जुटी है। बताया कि संपत ने पूछताछ में ओर भी कई चौंकाने वाले खुलासे किए है। आज पीसी कर एसआईटी सभी मामलों का खुलासा कर सकती है।