पुलिस ने जब वरिंदर सिंह से इस संबंध में पूछा तो उसने कहा कि मेरे साथ मारपीट हुई है। पुलिस ने पूछा कि चोट के निशान कहां हैं तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। इसके बाद वरिंदर सिंह ने खुद को घिरता देख तत्काल माफी मांग ली। लिखित में पुलिस को माफीनामा देकर उसने मौके से निकलना बेहतर समझा। पुलिस ने वरिंदर सिंह को इस तरह झूठी शिकायत न देने की हिदायत दी।
बड़ी बात यह है कि इस संबंध में रेडक्रॉस के अधिकारियों को भनक तक नहीं है और कोरोना योद्धाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमित शवों को उठाने के कारण इन स्वयंसेवकों का रेडक्रॉस की रसोई में घुसना बंद कर दिया गया था।
यह स्वयंसेवक अपने हाथ से पानी न ले सकें, इसलिए रसोई में ताला लगा दिया गया है। जब इस मामले में रेडक्रॉस के सेक्रेटरी सचिन राणा शिकायत की गई तो उन्होंने मामला टालते हुए कहा कि कोई बात नहीं। सदस्यों का कहना है रेडक्रॉस में चल रही मनमानी के खिलाफ आवाज उठाने पर हमारे साथ यह अभद्रता की जा रही है।
इस मामले की मुझे अभी कोई जानकारी नहीं है। ऐसा कुछ है तो शुक्रवार को को एडीसी से मामले में चर्चा की जाएगी। कोरोना योद्धाओं के साथ किसी प्रकार की कोई अभद्रता नहीं होगी। कहीं कोई कमी होगी तो उसे तत्काल दूर कराएंगे। -केके यादव, कमिश्नर नगर निगम व प्रभारी डीसी