जौड़ा फाटक पर ट्रेन हादसे में हुई मौतों का कौन जिम्मेदार है? इसको लेकर गठित जांच कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया है। कमिश्नर बी. पुरुषार्थ ने अमृतसर में डेरा डाल लिया है और जांच का दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है। जालंधर डिवीजनल कमिश्नर बी. पुरुषार्थ ने कमिशनर पुलिस अमृतसर एसएस श्रीवास्तवा, डिप्टी कमिशनर कमलजीत संधा, निगम कमिशनर सोनाली गिरी, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारियों को सम्मन कर जांच में शामिल होने के लिए कहा है। इसके अलावा एसीपी ट्रैफिक प्रभजोत सिंह को तलब किया गया है।
यह सामने आया है कि धोबी घाट की जिस जमीन पर दशहरा मनाया गया, वह डेवलपमेंट स्कीम 59 की है। जो कि नगर सुधार ट्रस्ट ने 1998 में निगम को हैंड ओवर की। उस दौरान यहां के प्लाट नगर सुधार ट्रस्ट ने बेचे थे। जमीन हैंड ओवर होने के बाद से निगम यहां के नक्शे, पानी व सीवरेज इत्यादि का काम करता रहा है। परंतु जिस जगह पर आयोजन हुआ है उस धोबीघाट की मालिकी आज भी नगर सुधार ट्रस्ट की बताई जा रही है।
इसलिए आयोजकों को तकनीकी रूप से इसकी मंजूरी नगर सुधार ट्रस्ट यानी इंप्रूमवेंट ट्रस्ट से ही लेनी है। जांच टीम ने ट्रस्ट अधिकारियो से डेवलपमेंट स्कीम की फाइल मांगी। जांच अधिकारी बी. परुषार्था ने फिलहाल कुछ कहने से इंकार कर दिया है। उनकी तरफ से इलाके का पूरा नक्शा तैयार किया गया है। जिसमें मुख्य मार्ग, पार्किंग स्थल के अलावा धोबी घाट से रेलवे लाइनों की दूरी, चाहरदीवारी से रेलवे लाइनों की दूरी शामिल है।