संस्था के प्रवक्ता डाॅ. अनीश गर्ग ने बताया कि आचार्यकुल के अध्यक्ष एवं आयोजक केके शारदा के नेतृत्व में सभी कवि खटकड़ कलां बस से पहुंचे। यात्रा के दौरान देशभक्ति के गीत गाते चलते रहे। सबसे पहले भगत सिंह के पैतृक घर और पुरातन धरोहरों का दिव्य दर्शन किए। उसके बाद घर से लगभग 500 मीटर दूरी पर बनाए गए संग्रहालय की पैदल यात्रा की। इस संग्रहालय में शहीद भगत सिंह के हाथों से लिखे दस्तावेज, पत्र एवं उनसे जुड़ी प्रत्येक सामग्री को देखकर सभी भावुक हो गए। विशेषतः जिस कलम से भगत सिंह को फांसी लिखी गई, उसे देखकर सबका मन भावुक हो उठा।
मिट्टी से होगा प्रतिभागियों का तिलक :
इस दौरान कवियों ने गांव खटकड़ कलां की मिट्टी को थैली में एकत्रित किया। इसका उद्देश्य यह है कि 24 मार्च को एसडी कॉलेज चंडीगढ़ में आचार्यकुल संस्था के तत्वाधान में भगत सिंह के शहीदी दिवस समारोह मनाया जाएगा। इस दौरान सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों को इसी मिट्टी से तिलक किया जाएगा।
काव्य गोष्ठी में पेश की रचनाएं :
इसके बाद संग्रहालय के उद्यान में सभी कवियों ने काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम विज ने की। गोष्ठी में अशोक भंडारी नादिर, डाॅ. अनीश गर्ग, डाॅ. मंजू चौहान, रामपाल मल्होत्रा, संतोष गर्ग, संगीता शर्मा कुंद्रा, डेजी बेदी, शायर भट्टी, सुधा मेहता, विमला गुगलानी, सुरजीत सिंह धीर, नरिंदर निंदी, पल्लवी रामपाल, नीरू मित्तल, राजेश गणेश, देवा मल्होत्रा, मिकी पासी, आर के भगत, किरण आहूजा इत्यादि ने अपनी राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वीर रस की कविताएं पेश कीं। संस्था के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शारदा ने सभी का आभार प्रकट किया।