चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) की शुरुआत बड़े धूमधाम से की गई थी। पीएमकेवीवाई 1.0 और 2.0 में कई युवाओं ने प्रशिक्षण लिया और नौकरी भी पाई लेकिन अब चंडीगढ़ में कौशल विकास योजना दम तोड़ रही है। कोविड के बाद से प्रशिक्षण केंद्र बंद पड़े हैं। हालात यह हैं कि चंडीगढ़ कौशल विकास मिशन की वेबसाइट पर प्रशिक्षण केंद्रों की जो जानकारी उपलब्ध है, वह भी तीन साल पुरानी है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) शहर में जुलाई 2015 में शुरू हुई थी। इसके तहत बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई थी। यूटी प्रशासन ने योजना का खूब प्रचार-प्रसार किया। 4297 युवाओं ने प्रशिक्षण केंद्रों में दाखिला लिया। इनमें से आधे युवाओं ने कोर्स पूरा किया और 683 की नौकरी लगी।
वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने पीएमकेवीवाई 2.0 लांच कर दिया, जो सबसे सफल रहा। पूरे शहर में 21913 युवाओं ने प्रशिक्षण केंद्रों में दाखिला लिया। इनमें से अधिकतर ने कोर्स पूरा किया और 17091 युवाओं के मूल्यांकन के बाद उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस चरण में 5813 युवाओं की प्लेसमेंट हुई।
दूसरे चरण की सफलता के बाद 15 जनवरी 2021 को केंद्र सरकार ने पीएमकेवीवाई 3.0 को लांच किया, जो चंडीगढ़ में सबसे फिसड्डी रहा। इसकी सफलता के लिए प्रशासन के विभागों ने गंभीरता ही नहीं दिखाई, जिसकी वजह से पूरे शहर से सिर्फ 1839 युवाओं ने प्रशिक्षण केंद्रों में दाखिला लिया। इनमें से भी आधे युवाओं ने ही प्रशिक्षण कोर्स पूरा किया और नौकरी सिर्फ 152 को मिली।
वर्ष 2019-20 के बाद से अपडेट नहीं हुई है वेबसाइट, नंबर भी बंद
चंडीगढ़ कौशल विकास मिशन की वेबसाइट पर कौशल विकास योजना के कोर्स व प्रशिक्षण केंद्रों की जानकारी 2019-20 के बाद से अब तक अपडेट नहीं हुई है। वेबसाइट पर बताए गए प्रशिक्षण केंद्रों के नंबरों पर जब अमर उजाला ने फोन कर जानकारी लेनी चाही तो कई नंबर बंद मिले, जबकि कई नंबरों पर जानकारी मिली कि पीएमकेवीवाई के कोर्सेज पिछले कई सालों से बंद हैं।
एक केंद्र पर फोन करने पर फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले ही प्रशिक्षण केंद्र की नौकरी छोड़ दी है। अब तक वेबसाइट पर उनका नंबर ही मौजूद है, जिसकी वजह से उन्हें छात्र फोन करते रहते हैं। इससे पता चलता है कि कौशल विकास के लिए चंडीगढ़ कौशल विकास मिशन कितना गंभीर है और किस तरह से कार्य किया जा रहा है।
एक केंद्र के संचालक ने बताया कि कोविड के बाद से केंद्र बंद है। विभाग की तरफ से पिछले तीन साल से कहा जा रहा है कि जल्द कोटा आवंटित किया जाएगा और केंद्र शुरू होंगे लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। बच्चे भी उनसे केंद्र के शुरू होने को लेकर सवाल पूछते हैं लेकिन जवाब किसी के पास नहीं है।
शहर में हैं 19 प्रशिक्षण केंद्र
शहर भर में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के करीब 19 प्रशिक्षण केंद्र हैं, जो मनीमाजरा, सेक्टर-8, 28, 34, मौलीजगरां, मक्खनमाजरा, हल्लोमाजरा समेत अन्य जगहों पर स्थित हैं। मनीमाजरा समेत कुछ इलाकों के केंद्र पूरी तरह से बंद हैं, जबकि कुछ केंद्र चल रहे हैं लेकिन उनमें प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कराए जाने वाले कोर्स बंद हैं।
तीन तरह के कोर्स होते हैं संचालित
पीएमकेवीवाई में तीन तरह के कोर्स होते हैं, इनमें तीन महीने, छह महीने और एक साल के कोर्स के लिए पंजीकरण होता है। कोर्स पूरा करने के बाद प्रमाणपत्र दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र पूरे देश में मान्य होता है। इसके अलावा कोर्स कराने वाले केंद्र प्रशिक्षणार्थियों के लिए कंपनियों में इंटरव्यू भी आयोजित कराते हैं ताकि इन्हें रोजगार मिल सके। इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराना है, जो कम पढ़े-लिखे हैं या बीच में स्कूल छोड़ देते हैं।
योजना की सफलता की कहानी, आंकड़ों की जुबानी
पीएमकेवीआई 1.0
दाखिला लिया - 4297
प्रशिक्षित - 4297
मूल्यांकन किए गए उम्मीदवार - 4035
प्रमाणित - 2934
प्लेसमेंट - 683
पीएमकेवीआई 2.0
दाखिला लिया - 21913
प्रशिक्षित - 20460
मूल्यांकन किए गए उम्मीदवार - 18931
प्रमाणित - 17091
प्लेसमेंट - 5813
पीएमकेवीआई 3.0
दाखिला लिया - 1839
प्रशिक्षित - 1428
मूल्यांकन किए गए उम्मीदवार - 1115
प्रमाणित - 935
प्लेसमेंट - 152