फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम की सुरक्षा के लिए एसपीजी ने बदल डाले इंतजाम

Fri, 27 Dec 2013 09:17 PM IST
अमर उजाला, मोहाली
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिसिटी में तीस दिसंबर को कैंसर अस्पताल का नींव पत्थर रखने आ रहे प्रधानमंत्री के दौरे से पहले शुक्रवार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने सुरक्षा इंतजामों की सारी कमान अपने हाथों में ले ली।
विज्ञापन


दोपहर करीब दो बजे एसपीजी की टीम समागम स्थल पर पहुंची। देखते ही देखते उन्होंने समागम और आसपास के इलाके का जायजा लिया। उसके बाद सारा इंतजाम बदलने के आदेश दिए।

समागम का पंडाल मुल्लांपुर-सिसवां रोड के बिल्कुल पास था। सड़क ऊंचाई पर होने के कारण वहां से कोई भी स्टेज आसानी से देख सकता था।

पीएमओ का आदेश था कि समागम के दौरान मुल्लांपुर-सिसवां रोड पर आवाजाही बंद नहीं की जाएगी। ऐसे में सुरक्षा को खतरा हो सकता था। जिसे देखते हुए एसपीजी ने समागम को पास ही समतल कर बनाए ग्राउंड में कराने का फैसला लिया।
विज्ञापन


टेंट वाले ने कहा कि इतने कम समय में पूरा वाटरप्रूफ पंडाल नहीं बन सकता। इसके बाद तय किया गया कि पीएम के स्टेज के लिए जो वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया है, उसे यहां शिफ्ट किया जाएगा।

उसमें स्टेज, डी एरिया और रेलिंग कवर हो जाएगी। बाकी मेहमानों के लिए आम पंडाल ही लगेगा, जो ऊपर से कवर्ड होगा, परंतु वाटरप्रूफ नहीं।

टेंट वाले से यह भी पूछा गया कि चॉपर की हवा बहुत ज्यादा होती है, उससे टेंट को नुकसान तो नहीं होगा। दोपहर तीन बजे पंडाल उखाड़ने का काम भी शुरू कर दिया गया।

समागम के मेहमानों की फेहरिस्त में भी पूरी कटौती कर दी गई है। पहले जहां बारह हजार लोगों को बुलाने की योजना थी।

अब सिर्फ चुनिंदा सात सौ लोग ही समागम में शामिल होंगे। एंट्री कार्ड से होगी, किसी को भी बिन बुलाए समागम में आने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

एसपीजी अधिकारी देर शाम तक मौके पर ही रहे और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबंधित कामों के लिए हिदायतें देते रहे।

दस मेडिकल कैंप किए रद
पहले बनाई योजना के मुताबिक सेहत विभाग ने समागम स्थल पर दस मेडिकल कैंप लगाने थे। जहां लोग अपना चेकअप करा सकते थे।

परंतु सुरक्षा के मद्देनजर एसपीजी ने सारे कैंप रद कर दिए हैं। एसपीजी अधिकारियों का कहना था कि पहले मेहमानों की संख्या बारह हजार थी, अब सिर्फ सात सौ है।
विज्ञापन


उसमें से भी ज्यादातर डॉक्टर होंगे। ऐसे में कैंप की कोई जरूरत नहीं। मौके पर ही सेहत विभाग के अधिकारी को बुलाकर इस बारे में हिदायत दे दी गई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें