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रणनीति: हरियाणा में बदला पीएम मोदी की रैलियों का शेड्यूल, अब 18 मई को आएंगे अंबाला, ये है कारण

Thu, 16 May 2024 12:50 PM IST
निवेदिता वर्मा सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में 25 मई को मतदान होगा। इसके लिए सभी पार्टियों की तरफ से प्रचार तेज हो गया है। भाजपा की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी की 18 मई को अंबाला में रैली रखी गई है।
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नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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हरियाणा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों का शेड्यूल अचानक बदल गया है। प्रदेश भाजपा की ओर से अंबाला सीट के लिए रैली का प्रस्ताव नहीं देने के बाद भी मोदी 18 मई को अंबाला में रैली करने आ रहे हैं। 
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दरअसल 18 मई को भाजपा प्रत्याशी बंतो कटारिया के स्वर्गीय पति और अंबाला के पूर्व सांसद रतन लाल कटारिया की पुण्यतिथि है। रैली के लिए पुण्यतिथि का दिन खुद नरेंद्र मोदी ने तय किया है। अंबाला पुलिस लाइन में होने वाली इस चुनावी रैली में पूर्व सांसद की तस्वीर रखी जाएगी और पीएम मोदी उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

पिछले साल 18 मई को हुआ था रतन लाल कटारिया का निधन

पिछले साल 18 मई को रतन लाल कटारिया का बीमारी के चलते निधन हो गया था और अंबाला लोकसभा सीट खाली हो गई थी। उस समय पीएम मोदी ने खुद फोन करके बंतो कटारिया से शोक जताया था। कटारिया के निधन के बाद उपचुनाव की अटकलें चली थी, लेकिन चुनाव आयोग ने आम चुनाव में एक साल का समय होने के चलते उप चुनाव नहीं कराने का फैसला लिया। 

टिकट वितरण को लेकर भी बंतो कटारिया का नाम कटने की अटकलें लगी थीं, लेकिन हाईकमान ने बंतो कटारिया को ही मैदान में उतारा, ताकि कटारिया के प्रति सहानुभूति का लाभ मिल सके। मौजूदा माहौल की बात करें तो अंबाला सीट पर सीएम नायब सिंह सैनी ने प्रचार का जिम्मा संभाल रखा है, लेकिन धीरे-धीरे कांग्रेस प्रत्याशी वरुण मुलाना भी टक्कर देते नजर आ रहे हैं। इसलिए बंतो कटारिया के चुनाव को धार देने और अंबाला के मतदाताओं को साधने के लिए खुद मोदी यहां पर रैली करने आ रहे हैं।

अंबाला में रैली के मायने

नरेंद्र मोदी का कटारिया परिवार के प्रति स्नेह किसी से छिपा नहीं है। नरेंद्र मोदी हरियाणा के प्रभारी रहे हैं और बंतो कटारिया को अपनी बहन मानते हैं। इसके अलावा भी अंबाला में मोदी की रैली के कारण हैं। विपक्ष की ओर से प्रचार किया जा रहा है कि अगर भाजपा तीसरी बार सत्ता में आ गई तो वह बाबा साहब आंबेडकर के बनाए संविधान को बदल सकती है। मोदी इस भ्रम को तोड़ने के लिए एससी समुदाय के लिए आरक्षित अंबाला सीट से अनुसूचित जाति के मतदाताओं को साधेंगे। दूसरा, कांग्रेस प्रत्याशी वरुण मुलाना का चुनाव लगातार उठ रहा था और हाईकमान के सर्वे की रिपोर्ट मिलने के बाद मोदी ने अंबाला में रैली करने का फैसला लिया है।
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