पलसोरा बेबी मर्डर केस में पुलिस शव मिलने के दूसरे दिन भी हत्यारे को तलाशने में नाकाम रही।
हालांकि पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है। इस बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह संकेत मिले हैं कि बच्ची हत्या शनिवार दोपहर दो बजे से रात दो बजे के बीच किसी समय की गई।
इस 11 वर्षीय बच्ची को बुधवार शाम को अगवा किया गया था। इस तरह यह बात सामने आ रही है कि अपहरण के बाद दो दिन तक बच्ची जिंदा थी।
हत्यारे द्वारा बच्ची से जोर-जबरदस्ती और यौन प्रताड़ना करने के संकेत भी डॉक्टरों के दल को मिले हैं। हालांकि दुष्कर्म की पुष्टि के लिए विसरा सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
सोमवार को दोपहर को दो बजे डॉक्टरों के बोर्ड ने जीएमएसएच-16 में शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शव जब सौंपा गया तो बच्ची के पिता और परिजन उसे घर ले जाने पर अड़ गए।
शव पहुंचने के बाद स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए डीएसपी सतीश कुमार और आशीष कपूर ने अस्पताल में पहुंचकर लोगों को समझाया और शव को सीधा सेक्टर 25 श्मशानघाट लेकर जाने को कहा।
परिजन और गांव केसभी लोग मान गए ओर पुलिस काफिले में करीब साढ़े चार बजे शव को लेकर सेक्टर 25 श्मशानघाट पहुंच गए।
श्मशान घाट से वापस लाए शव
श्मशान घाट पहुंचकर बच्ची के परिजन और रिश्तेदारों ने संस्कार करने से मना कर दिया और शव घर ले जाने पर अड़ गए। स्थिति बिगड़ती देख एसएसपी नौनिहाल सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की।
लोगों ने पुलिस की कारवाई से निराश होकर एसएसपी केसामने जमकर नारेबाजी की। परिजन की मांग मानते हुए पुलिस वापस बच्ची केशव को लेकर सेक्टर 16 जनरल अस्पताल में पहुंचे।
उसके बाद परिजन बच्ची के शव को लेकर पलसौरा स्थित गुरू आसरा ट्रस्ट्स में रखवा दिया। पिता ने बताया कि अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।
बोरी से गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
जिस बोरी में बच्ची का शव मिला था, वैसी ही बोरियां पड़ोस में ही एक घर से पुलिस को मिली हैं। इसी आधार पर पुलिस ने पलसोरा के एक बाप और बेटे को हिरासत में लिया है।
ग्यारह वर्षीय यह बच्ची अपनी जिस सहेली कंचन के पास गई थी उसने बताया कि खेल के दौरान यह कह कर गई थी कि उसके पास 20 रुपये हैं और वह खाने के लिए कुछ चीज लेकर आ रही है। उसके बाद वह नहीं लौटी।
शव मिलने से थोड़ी देर पहले आई थी फिरौती की बात
बच्ची के पिता के अनुसार शव मिलने की जानकारी मिलने से पहले रविवार शाम पांच बजे पहले पड़ोस एक महिला ने कहा था कि उसने एक अन्य महिला मिथलेस से सुना है कि एक लाख रुपये दो तो उनकी बच्ची वापस मिल जाएगी।
मिथलेस पहले उनके घर के पास ही रहती थी और छह महीने पहले ही झगड़ा होने पर गांव में ही दूसरी जगह घर लेकर रहने लगी थी।
मिथलेस और एक अन्य महिला को हिरासत में लेकर एसआईटी पूछताछ कर रही है। एसआईटी पलसोरा में किरायेदारों और मकान मालिकों का रिकार्ड भी खंगाल रही है।
वह पता लगा रही है कि 27 नवंबर या इसके बाद कौन-कौन लोग गायब हुए। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी सुरजीत सिंह मलिक ने बताया कि इस मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। पुलिस कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।