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प्लॉट की ठगी मामले में BJP काउंसिलर कैंथ को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

Sat, 30 Jul 2016 06:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पुलिस हिरासत में भाजपा काउंसलर सतीश कैंथ - फोटो : अमर उजाला
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एक विधवा महिला का प्लाट हड़पने के आरोप में फंसे भाजपा पार्षद सतीश कुमार कैंथ को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए न सिर्फ उनकी जमानत मंजूर कर ली बल्कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज करने के आदेश भी जारी किए। सतीष कैंथ को यह राहत निचली अदालत में उनके व प्रतिवादी पक्ष के बीच समझौता हो जाने के आधार पर मिली।
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हाईकोर्ट में कैंथ की याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश जारी किए थे कि याचिकाकर्ता निचली अदालत में समझौते करके हाईकोर्ट को जानकारी दे। सतीश कैंथ के वकील करणवीर सिंह खेहर ने बताया कि हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कैंथ की जमानत स्वीकार करने के साथ ही उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर भी रद करने के आदेश जारी किए।

उन्होंने बताया कि यह फैसला निचली अदालत के समक्ष भेज दिया गया है ताकि निचली अदालत सतीश कैंथ की रिहाई के आदेश जारी कर सके। उल्लेखनीय है कि सतीष कैंथ पर आरोप था कि उन्होंने बिमला देवी के हल्लोमाजरा में मौजूद 5 मरले के प्लाट पर कब्जा किया है। बिमला देवी ने शिकायत में कहा कि वह व उनका परिवार फरीदाबाद में रहता है।
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पीड़ित महिला का बेटा अरुण गुप्ता प्लाट देखने आता रहता था। जब वह काफी समय बाद आया तो उसके प्लाट पर पूरा मकान बना था। सतीश कैंथ ने उस प्लॉट पर दो मंजिला मकान बना लिया था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि कैंथ ने धोखे से प्लाट पर कब्जा कर मकान बनाया है। इस मामले में सेक्टर-31 पुलिस ने 14 मार्च को कैंथ के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने व धोखाधड़ी की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

कैंथ ने गिरफ्तारी के बचने के लिए पहले निचली अदालत और फिर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी लगाई, लेकिन वह याचिका खारिज हो जाने के बाद कैंथ ने आखिरकार निचली अदालत में समर्पण कर दिया था। अब उनका दूसरे पक्ष के साथ समझौता हो जाने के बाद उनके खिलाफ यह मामला समाप्त हो जाएगा।
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