थाना सलेम टाबरी में अपनी गुमशुदा बच्ची की रिपोर्ट लिखवाने गए परिजनों को पांच घंटे इंतजार करना पड़ा क्योंकि ड्यूटी पर तैनात एएसआई सो रहा था।
इंतजार की हद पार होने के बाद परिजनों ने थाना सलेम टाबरी के अंदर से ही कमिश्नर प्रमोद बान को फोन कर मामले की जानकारी दी। इस पर थाने की पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे एसएचओ ने बच्ची की गुमशुदगी रिपोर्ट लिखी और उसे ढूंढने के लिए अलग-अलग टीमें बनाईं।
पीड़ित परिजनों ने कहा कि इलाके के ही स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी बेटी संदिग्ध हालात में लापता हो गई। बीती रात उन्होंने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं लगा। उसके बाद रविवार सुबह वह थाना सलेम टाबरी में शिकायत दर्ज कराने गए। वहां पता चला कि ड्यूटी पर तैनात एएसआई सो रहा था।
वहां मौजूद बाकी मुलाजिमों ने उन्हें पांच घंटे इंतजार में बैठाए रखा। जब इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने किसी तरह पुलिस कमिश्नर का मोबाइल नंबर हासिल कर वहीं से फोन किया। उन्होंने सारी बात पुलिस कमिश्नर को बताई। पुलिस कमिश्नर ने उसी समय थाना सलेम टाबरी के एसएचओ केवल कृष्ण को फोन कर तुरंत कार्रवाई के आदेश जारी किए। एसएचओ केवल कृष्ण ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कर ली है। लड़की की तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही लड़की को ढूंढ लिया जाएगा। अगवा की गई बच्चियों की हत्या करने की घटनाओं के बावजूद पुलिस इन घटनाओं पर ध्यान नहीं दे रही है। पुलिस की इन लापरवाही के कारण सलेम टाबरी और बस्ती जोधेवाल इलाके में चार बच्चियां अपनी जान गंवा चुकी है।