भाई की कामयाबी से सबसे अधिक खुशी मिलती है। पंकज मेरा भाई ही नहीं मेरे बेटे जैसा है। बचपन में निर्मल, पंकज के साथ घर में एक साथ गीत गाते थे। यह कहना है प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर मनहर उधास का। वे सेक्टर-29 स्थित शिरडी साईं मंदिर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
गुजरात में जन्में मनहर, पंकज और निर्मल उधास को बचपन से ही गाने और बड़े-बड़े गायकों को सुनने का बेहद शौक था। मगर, सबसे पहले मनहर उधास मुंबई आए। मुंबई में एसडी बर्मन के संगीत निर्देशन में फिल्म अभिमान में लता मंगेशकर के साथ ‘लूटे कोई मन का नगर’ गीत गाने का मौका मिला।
मनहर ने बताया लता जी ने ही एसडी बर्मन से उनसे गीत सुनने के लिए कहा था। इसके बाद तो मनहर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 450 हिंदी फिल्मों में गीत गाए। मनहर ने कहा कि लता के साथ अभिमान फिल्म के लिए गाना आज भी सपने जैसा है। लता जी स्वयं एक संस्थान हैं। उ
न्होंने कहा कि पंकज उधास कॉलेज के दिनों में एक्टिविटी में भाग लेते थे। वर्ष 1982 में उनका पहला एलबम आहट आया, जोकि काफी हिट हुआ। इसके साथ ही पंकज ने गजल के नया दौर की शुरुआत की।
अचानक साईं भजन गाने को मिला ऑफर
मनहर उधास ने कहा कि मेरा फिल्मी कैरियर उस समय ऊंचाई पर था। अचानक के राजदान ने मुझसे साईं भजन गाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उनका भजन गायन के प्रति रुझान नहीं था।
मगर, साईं की ऐसी कृपा हुई कि मैंने साईं के भजनों की पहली एलबम ‘साईं अर्पण’ तैयार की। इसके बाद लगातार भजनों की 30 एलबम रिकार्ड की। 31वीं एलबम आजकल रिकार्ड कर रहा हूं। उनका कहना है कि साईं बाबा के आशीर्वाद से ही सफलता मिली।