यह सीन टैगोर थिएटर के मंच आयोजित कंटेपरेरी मार्शल डांस थिएटर शो का था।
मंच पर एक दीपक के पास बैठी सुभद्रा अपने पुत्र अभिमन्यु की मौत पर अपने पति अर्जुन और भाई श्रीकृष्ण के आगे विलाप करती दिखती है।
वह अपने पति और भाई से पूछती है कि उसके 16 साल के अभिमन्यु का क्या दोष था, जो इस प्रकार कौरवों ने उसकी हत्या कर दी। यह सीन टैगोर थिएटर के मंच आयोजित कंटेपरेरी मार्शल डांस थिएटर शो का था।
इस शो का आयोजन चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी ने किया। इसमें अन्वेषना सोसायटी ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। नाटक व डांस के जरिये इन कलाकारों ने महाभारत के युद्ध के 13वें दिन का मंचन किया। इसका नाम ‘अंतत:’ रखा गया।
शो के दूसरे भाग में फ्लैश बैक के जरिये अभिमन्यु को कौरवों के चक्रव्यूह में फंसते दृश्य को दिखाया गया था। तीसरे भाग को वर्तमान में दिखाया गया, जिसमें अर्जुन कौरवों के सर्वनाश की प्रतिज्ञा लेता है।
इस शो को निर्देशन संगीता शर्मा ने किया। मुख्य कलाकारों में मुकेश गंगानी, सुभाशीष, करण वर्मा, निखिल पाल, उमेश बिस्ट, आशीष कुमार, शुभम गंगानी, शिव, पुनीत व संगीता शर्मा थे।