चंडीगढ़। कोरोना के बीच आए करवाचौथ को लेकर महिलाओं ने खूब सतर्कता बरती। इस दौरान मंदिरों में करवाचौथ की धूम रही। महिलाएं मास्क पहनकर मंदिर पहुंच रही थीं। जिन महिलाओं ने मास्क नहीं पहना था, उन्हें बाहर ही रोका जा रहा था। कई महिलाओं ने अपने घरों में फोन कर मास्क मंगवाया और फिर मंदिर में गई।
मंदिर में आने से पहले व्रतियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान मंदिर कमेटियों ने सामाजिक दूरी का पालन करवाने के साथ ही सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की थी। पुजारियों ने सुहागिनों की पूजा करवाने के बाद करवा की कथा सुनाई। इसके बाद महिलाओं ने आपस में थालियां बंटाईं। वहीं रात को चांद का दीदार करने के बाद अर्घ्य देने के बाद व्रत पूरा किया और व्रत खोला।
सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा करने के लिए आई। मंदिर के प्रमुख पुजारी ईश्वर चंद्र शास्त्री और पुजारी पंडित सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि महिलाओं को कथा सुनाई पर कोरोना के चलते थालियां नहीं बटाईं। सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर व श्रीमहाकाली मंदिर, सेक्टर-11 के श्री सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-20 के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, गुग्गा माड़ी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा के लिए पहुंचीं।
सेक्टर 40 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के प्रधान बीपी अरोड़ा ने बताया कि कोविड के नियमों का पालन करते हुए सुहागिनों ने करवाचौथ की पूजा की। मंदिर कमेटी की ओर से मास्क, सैनिटाइजर, ग्लब्स और हेड ग्लास की व्यवस्था की गई थी।
चंद्र देव के साथ ही शिव-पार्वती, गणेश व कार्तिकेय की भी होती है पूजा
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष में करवाचौथ का व्रत होता है। इस दिन पति की लंबी आयु की कामना के लिए महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। वे केवल चंद्र देवता की ही नही बल्कि शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की भी पूजा करती हैं।
सुखना लेक पर पति को देखकर व्रत खोलती महिला। फोटो : अजय वर्मा- फोटो : CHANDIGARH