कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए गुरुवार को पीजीआई में प्लाज्मा बैंक की शुरुआत की गई। इसकी जिम्मेदारी ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन डिपार्टमेंट को दी गई है। पीजीआई प्रशासन इस सुविधा का लाभ पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल में भर्ती गंभीर मरीजों के साथ ही निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे पॉजिटिव मरीजों को भी मिलेगा।
आईसीएमआर के दिशा निर्देशों के अनुसार कोरोना के मरीजों को प्लाज्मा दिया जाएगा। कोरोना के गंभीर मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी की सफलता के परिणाम को देखते हुए गवर्नर के निर्देश पर इसकी सुविधा शुरू की गई है। पीजीआई प्रशासन के अनुसार सुविधा के लाभ के लिए निजी अस्पतालों के मरीजों को प्रोसेसिंग चार्ज देना होगा जबकि सरकारी अस्पतालों को यह सेवा निशुल्क दी जाएगी।
पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर मिलेगी सुविधा
पीजीआई इस सुविधा का लाभ पहले आओ पहले पाओ तर्ज पर देगा। इसके लिए मरीज को आईसीएमआर के दिशा निर्देश अनुसार अपनी पूरी डिटेल और जांच रिपोर्ट पीजीआई को मेल (Plasmabankpgi@gmail.com) करनी होगी। इसके बाद उस मरीज का पंजीकरण होगा। यह प्रक्रिया मरीज का इलाज कर रहे संबंधित अस्पताल के नोडल अधिकारी को करनी होगी। वह सुबह 8 से शाम 5 बजे तक इसके लिए पीजीआई के संबंधित डिपार्टमेंट में संपर्क कर सकता है। डिटेल मिलने के बाद प्लाज्मा बैंक की टीम आगे की प्रक्रिया करेगी।
अनुरोध पत्र देना जरूरी
पीजीआई के प्लाज्मा बैंक से प्लाज्मा लेने के लिए मरीज को अनुरोध पत्र देना होगा। अनुरोध पत्र मिलने के बाद ही प्लाज्मा देने की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। इसमें लगभग 3 घंटे का समय लगेगा और एक बार में एक मरीज को 200 एमएल प्लाज्मा दिया जाएगा। इस सुविधा का लाभ चंडीगढ़ के मरीजों को मिलेगा।
ठीक हो चुके मरीजों की मांगी सूची
प्लाज्मा थेरेपी के अंतर्गत कोरोना के ठीक हो चुके गंभीर मरीजों का प्लाज्मा लेकर वर्तमान में जिन गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा है, उन्हें दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को करने के लिए पीजीआई को ज्यादा संख्या में कोरोना के ठीक हो चुके मरीजों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए पीजीआई की समिति ने चंडीगढ़ के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों से अनुरोध किया है कि वह अपने यहां के ठीक हो चुके कोरोना के गंभीर मरीजों की सूची पीजीआई को उपलब्ध कराएं। इसके आधार पर वे उन मरीजों की काउंसलिंग कर उन्हें प्लाज्मा डोनेट करने के लिए तैयार कर सकें ताकि इस थेरेपी की सफलता को सुनिश्चित किया जा सके।