दिल्ली में मंगलवार को गोलीबारी के बाद पंजाब व दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान पकड़े गए पांच गैंगस्टर पंजाब की जेल से किसी गैंगस्टर को छुड़ाने की फिराक में थे। इस वारदात को अंजाम देने के लिए पांचों जल्द ही पंजाब पहुंचने वाले थे। इस बीच पुलिस को उनकी भनक लग गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
पुलिस सूत्रों से पता चला है कि गैंगस्टर नाभा जेल ब्रेक कांड की तरह ही वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। हालांकि मोहाली पुलिस के अधिकारी इस बारे में बताने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जैसे ही आरोपियों को मोहाली लेकर आएंगे, तब कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
एसएसपी कुलदीप सिंह चहल से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि अब तक मोहाली पुलिस ने गैंगस्टरों से पूछताछ नहीं की है। लेकिन जिस हिसाब से आरोपियों के पास असलहा व अन्य सामान मिला है। वह इस बात की तरफ संकेत कर रहा है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे।
इससे पहले इसी गैंग ने दीपक नाम के युवक को पंचकूला के अस्पताल से भगाया था। इसके अलावा ट्राइसिटी में कई अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया था। वहीं, जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों से बरामद हथियार यूपी व राजस्थान से खरीदे थे। जल्दी ही मोहाली पुलिस आरोपियों को यहां लाने की तैयारी में है।
गैंगस्टर कांट्रैक्ट किलिंग का करते थे काम
दिल्ली के बिंदापुर थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह बदमाशों और पुलिस के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चलीं थी। इस मुठभेड़ को दिल्ली और पंजाब पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया। मुठभेड़ के बाद पांच कॉन्ट्रैक्ट किलर पकड़े गए थे। उनसे बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए थे। दिल्ली के बिंदापुर इलाके की इस इमारत में गोलियों में गोलीबारी की दहशत थी।
करोड़ों की जमीन पर थी हत्यारे की नजर
दोनों भाइयों के पास गांव में 12.5-12.5 किले यानी कुल 25 किल्ला जमीन है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। ग्रामीणों के मुताबिक अगर जगदीप पकड़ा न जाता तो हो सकता था कि सोनू के माता-पिता के साथ-साथ उसकी पत्नी भी निशाने पर होती। सोनू ने न तो बच्चों की हत्या करने की बात कही और न ही घटना के दिन वह साथ था।
रविवार को कर दी थी तीन बच्चों की हत्या
रविवार को कुरुक्षेत्र के सारसा गांव के तीन बच्चों की मोरनी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतकों में दो भाई और एक बहन थी। जगदीप के बयान से यह बात भी साफ हो रही है कि संपत्ति पर कब्जा जमाने के लिए उसने यह खूनी खेल खेला, लेकिन इस हादसे के बाद ग्रामीणों में इतना रोष है कि लगातार आरोपियों को ऐसी सजा देने की मांग कर रहे हैं ताकि दोबारा गांव, प्रदेश या देश में भी कोई बच्चों के ऐसा अमानवीय व्यवहार न कर सके।