चंडीगढ़। पीयू विभागों को मर्ज करने पर निर्णय नहीं ले पा रहा है। चार साल पहले प्लान तैयार किया था, लेकिन अधिकारी इस दिशा में कदम नहीं उठा रहे हैं। हालांकि पिछले दिनों इसको लेकर बैठक हुई थी, लेकिन कुछ खास रंग नहीं ला पाई।
नैक की ओर से सुझाव दिया गया था कि छोटे छोटे विभागों के अलावा मिलते जुलते विषयों को एक ही विभाग का रूप दे दिया जाए ताकि मैनपावर आदि कम हो सके और उन विभागों का संचालन भी बेहतर तरीकों से हो सके। चार साल पहले तैयार प्लान पर अड़ंगे लगा दिए गए। दो बैठकें हुईं। उसमें भी प्लान ऐसा तैयार हो गया जो विवादों में आ गया। उस प्लान को भी पीयू ने वापस ले लिया। अब नैक की ग्रेडिंग का समय पास आता जा रहा है। ऐसे में पीयू को इस पर काम करना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों का शिक्षण कार्य नहीं हो रहा है। तमाम शिक्षक इस समय खाली हैं जो अपना समय पीयू को प्लान आदि तैयार करने में देना चाहते हैं। पीयू चाहे तो इस प्लान को तैयार करने में इन शिक्षकों की मदद ली जा सकती है। इसके लिए शिक्षकों से पूछा जाए कि कौन कौन शिक्षक इस प्लान को तैयार करने में मदद देंगे। सभी की सूची पीयू के पास आ जाएगी और 15 दिन में सभी कार्य पूरे हो जाएंगे। जानकारों ने यह भी कहा है कि शिक्षकों से पीयू प्रशासन अन्य कार्य भी ले सकता है जो पीयू के लिए फायदेमंद होगा।