विश्व विरासत दिवस भले ही 18 अप्रैल को मनाया जा रहा हो, लेकिन सिटी ब्यूटीफुल की विरासत की संभाल करने में भी लगातार कोताही बरती जा रही है। यही हाल शहर के पर्यटन स्थलों के भी हैं। रॉक गार्डन में जहां दीवारों पर अश्लील कमेंट लिखे गए हैं, वहीं यहां पर रेस्टोरेंट की सर्विस से लोग खुश नहीं हैं।
ली कार्बूजिए सेंटर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं
सेक्टर-19 में स्थित ली कार्बूजिए सेंटर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। यहां पर भी विदेशी पर्यटकों का जमावड़ा लगता है। बावजूद इसके यहां पर गदंगी का आलम है। शहर के नक्शे को डिजाइन करने वाले ली कार्बूजिए की यादों की इस सेंटर में सहेज कर रखा गया है, लेकिन इसकी अनदेखी के कारण यहां पर कई बार चोरी हो चुकी है। यहां पर गंदगी फैली हुई है। घास भी नहीं काटी गई है।
कैपिटल कॉम्प्लेक्स पर नहीं डेवलप हुआ नाइट टूरिज्म
कैपिटल कॉम्प्लेक्स पर अभी तक नाइट टूरिज्म को विकसित नहीं किया जा सका है। इसके चलते शहर आने वाले पर्यटकों को मायूसी का सामना करना पड़ता है। इसे रात दस बजे तक खोले जाने का प्रपोजल बनाया गया था लेकिन इसे अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। इसे हेरिटेज का दर्जा दिए जाने के लिए फ्रांस की टीम ने पिछले साल सर्वे किया था।
शांतिकुंज गार्डन में मैप पर कुछ भी स्पष्ट नहीं
शहर के सेक्टर- 16 स्थित शांतिकुंज गार्डन के बाहर सफाई नहीं है। यहां पर कूडे़ के ढेर लगे हैं। यहां पर लगाए गए टूरिस्ट मैप में कोई भी चीज स्पष्ट नहीं है। टूरिस्ट मैप में जितने भी हेल्प लाइन नंबर हैं उन्हें भी मिटा दिया गया है।
रॉक गार्डन में दीवारों पर लिखे अश्लील शब्द
रॉक गार्डन शहर की मुख्य धरोहर मानी जाती है। इसे पद्मश्री नेकचंद ने बनाया है, लेकिन इसकी देखरेख सही तरीकेसे नहीं हो पाती है। रॉक गार्डन की दीवारें पान और गुटखे से लाल हैं। वहीं इसकी दीवारों पर अश्लील शब्द भी लिखे हैं।
अनुराग अग्रवाल, गृहसचिव, चंडीगढ़ प्रशासन ने बताया कि शहर के सभी पर्यटन स्थलों को संवारा गया है। अगर कहीं पर कमी है तो जल्द ही इसे भी दुरुस्त करवाया जाएगा। शहर की धरोहर को संभाल कर रखा जाएगा।