पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एचएस फूलका ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली को पत्र लिख कर 1984 के सिख दंगों के केस मुफ्त में लड़ने की इजाजत मांगी है। फूलका ने पत्र में लिखा है कि वे विस में विपक्ष के नेता हैं और उनके पास कैबिनेट मंत्री का स्टेट्स है। नतीजतन उन्होंने वकालत की प्रेक्टिस बंद कर दी है।
फूलका ने बार को लिखा है कि वह 1984 के दंगों के केसों की पिछले तीस साल से पैरवी कर रहे हैं। उनको इन केसों के बारे में गहन जानकारी है। इसी तर्क के साथ फूलका ने बार काउंसिल से यह केस लड़ने की इजाजत मांगी है। जब तक काउंसिल से मंजूरी नहीं मिल जाती, फूलका उक्त केसों पर अपने वकीलों की टीम का मार्ग दर्शन करेंगे।