पंजाब सरकार पिछली बादल सरकार के खिलाफ अब श्वेत पत्र लाने की तैयारी में है। जिसमें सूबे में मौजूदा अर्थव्यवस्था की स्थिति पर रिपोर्ट सबके सामने रखी जायेगी, लेकिन श्वेत पत्र के इस राजनीतिक भंवर में आप ने नई मांग रखी है। पंजाब विधानसभा में मुख्य विरोधी पक्ष आम आदमी पार्टी और लोक इंसाफ पार्टी गठबंधन ने कैप्टन सरकार से मांग की है कि बीते 20 साल पंजाब को लूटकर बर्बाद करने के लिए जिम्मेदार लोगों का पर्दाफाश करने के लिए जांच कमीशन गठित किया जाए। इसकी निगरानी हाईकोर्ट का जज करें। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि पंजाब के वित्तीय हालात पर जो श्वेत पत्र पेपर पंजाब सरकार ला रही है, उसकी समयसीमा तय हो और उसका दायरा बीते 20 सालों तक बढ़ाया जाए, ताकि इस दौरान राज करने वाली सभी पार्टियों की भूमिका पंजाब के लोग जान सकें।
नेता प्रतिपक्ष एचएस फूलका ने यह भी मांग रखी कि श्वेत पत्र जारी करने की समय सीमा निर्धारित की जाय, ताकि पंजाब को लूटने वाले लूट का पैसा बाहर न भेज सकें। इसलिए सरकार जल्द अपेक्षित कानून बनाए। मामले में आम आदमी पार्टी सरकार की पूरी मदद करेगी। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की तरफ से पंजाब के वित्तीय संकट संबंधी श्वेत पत्र जारी करने के दावे पर प्रतिक्त्रिस्या देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब को लूटने वालों पर कार्रवाई शुरू करने के लिए श्वेत पत्र का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए, जांच कमीशन इनके विरुद्ध तुरंत कार्रवाई करे।
इस मौके पर पार्टी के सीनियर नेता और चीफ व्हिप सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि मचाई गई लूट कारण पंजाब 2 लाख करोड़ रुपये का ऋणी हो गया है। जिन लोगों ने पंजाब को 10 साल लूटा और रेत माफिया समेत हर तरह का माफिया और भ्रष्टाचार किया। उनके विरुद्ध हाईकोर्ट के जज की निगरानी में जांच कमीशन गठित किया जाए।
खैरा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार की तरफ से बड़ी संख्या में सलाहकारों की टीम रखने और मंत्रियों के रुतबे देने का विरोध करते हुए कहा कि कैप्टन सरकार अपने वित्तीय हालत सुधारने के दावों के उलट चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास सलाह देने के लिए बड़ी संख्या में अफसर मौजूद हैं, यदि फिर भी सलाहकारों की सलाह लेनी है तो सरकारी खजाने पर बिना बोझ डाले सेवा के तौर पर मुफ्त ली जाए।
आप और लोक इंसाफ पार्टी के गठबंधन से डरती है कांग्रेस : फूलका
नेता प्रतिपक्ष एचएस फूलका ने कहा कि आप और लोक इंसाफ पार्टी के गठबंधन से कांग्रेस सरकार डर गई है, इसीलिए गठबंधन के बावजूद दोनों दलों के विधायकों को सदन में अलग-अलग बैठने पर मजबूर किया जा रहा है। सत्र समाप्ति के बाद सभी विधायकों की मौजूदगी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एचएस फूलका, सुखपाल सिंह खहरा, कंवर संधू और सिमरजीत सिंह बैंस ने सत्ता पक्ष पर विधानसभा में पुरानी परंपरा को तोड़कर तानाशाही रवैया अपनाने का दोष लगाया।
इस मौके खहरा ने कहा कि कांग्रेस हफ्ते के अंदर-अंदर ही अकाली-भाजपा सरकार वाला रूप धारण करके विरोधी पक्ष की आवाज दबाने लगी है जबकि विरोधी पक्ष के इस हक के लिए कांग्रेसी विधायक पंजाब विधान सभा में रोष के तौर पर रातें काटते रहे हैं।