पंजाब यूनिवर्सिटी का परीक्षा नियंत्रक विभाग रातोंरात काम कर रहा है। उसका मकसद है कि विद्यार्थियों को घर बैठे ही डिग्रियां व डीएमसी मिल जाएं। पहले चरण में पीएचडी की डिग्रियां ऑनलाइन कर दी गई हैं, लेकिन इन डिग्रियों को लेने के लिए शोधार्थियों को पहले नेड में रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रशन का यूनिक कोड व कुछ सामान्य जानकारी परीक्षा नियंत्रक विभाग को देनी होगी और उसके बाद शोधार्थी अपनी डिग्रियां ऑनलाइन ले सकेंगे।
इसके अलावा पीजी की डिग्रियां भी अपलोड हो रही हैं। डेटा फीडिंग का काम चल रहा है। इसके लिए पीयू अपना कार्य कर रहा है। कॉलेजों को संबंधित विद्यार्थियों से संपर्क करना होगा। साथ ही नेड संस्था पीयू व कॉलेजों को जोड़ने का काम करेगा। परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह ने वायदा किया था कि इस बार रिजल्ट के साथ ही विद्यार्थियों को डिग्रियां व डीएमसी मिलेंगी और उस पर वह तेजी से काम कर रहे हैं। काफी हद तक उन्हें सफलता मिल गई है।
दूसरे चरण में परीक्षा नियंत्रक कार्यालय स्नातक के विद्यार्थियों की डिग्रियां भी ऑनलाइन मुहैया कराएगा लेकिन पहले पीएचडी व पीजी का कार्य पूरा होने के बाद। परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम अपने-अपने घरों पर रहकर काम कर रही है। कोरोना के भय में पूरी दुनिया है। तमाम काम प्रभावित हो रहे हैं लेकिन इस कार्यालय की ओर से घरों पर रहकर काम किया जा रहा है।
कार्यालय के अधिकारियों ने संबंधित शिक्षकों से भी जानकारी मांगी है कि किसी पीएचडीधारक का वायवा हो गया है तो उसकी डिटेल उन्हें मुहैया कराई जाए ताकि उसकी डिग्री ऑनलाइन हो जाए। विदेशी विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। वह डिग्री लेने यहां तक नहीं पहुंच सकते।