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पीयू में शिक्षक बनने के लिए पीएचडी होना अनिवार्य

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षक बनने के लिए पीएचडी होना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम इसी साल से लागू होगा। नई भर्तियों में भी यह प्रक्रिया लागू की गई है। माना जा रहा है कि रैंकिंग सुधारने के लिए पीयू ने यह कदम उठाया है। इसका असर अगले साल जारी होने वाली रैंकिंग में दिखेगा।
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पिछले तीन वर्षों से पीयू की जो रैंकिंग जारी हुई हैं उसमें प्रदर्शन खास नहीं रहा है। उसका एक बड़ा कारण यह निकलकर आया है कि यहां की फैकल्टी शत प्रतिशत पीएचडी धारक नहीं है। इंजीनियरिंग व अन्य विभागों में यह दिक्कतें खड़ी हुई थीं। पीयू ने इसे गंभीरता से लिया। आईक्यूएसी विंग की ओर से इसके समाधान को तैयारी शुरू कर दी। पिछले साल वीसी को आईक्यूएसी निदेशक ने सुझाव दिया कि भविष्य में जो भी फैकल्टी भर्ती की जाए उसके लिए पीएचडी अनिवार्य की जाए। लगातार इस बिंदु में पीयू पिछड़ रहा है। यह भी सुझाया कि जो शिक्षक पीएचडी नहीं किए हैं उन्हें कहा जाए कि वह रिसर्च शुरू कर दें। इस सुझाव के बाद कई शिक्षकों ने रिसर्च शुरू कर दिया। दो दर्जन शिक्षकों के रिसर्च पूरे होने वाले हैं।
अब पीयू आगे की तैयारी में जुट गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पीयू ने शिक्षक बनने के लिए पीएचडी की अनिवार्यता कर दी है। यह नियम इसी शैक्षिक सत्र से लागू हो जाएंगे। बताया जाता है कि नई भर्तियों के लिए भी पीएचडी धारक ही अभ्यर्थी बुलाए गए हैं। पीएचडी नहीं किए अभ्यर्थियों ने यदि आवेदन किए होंगे तो उन्हें झटका भी लग सकता है। हालांकि आवेदन किसी विभाग में कम आए तो उसके बाद कमेटी निर्णय लेगी, लेकिन फिलहाल पीएचडी धारक अभ्यर्थियों की भर्तियों के लिए जरूरत है।
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स्टूडेंट्स से फीडबैक लेने की प्रक्रिया शुरू
नैक की ओर से ऑब्जेक्शन लगाया गया था कि पीयू में विभाग छात्रों से फीडबैक नहीं ले रहे हैं। शिक्षण कार्य प्रभावी हो रहा है या नहीं, इसका पता नहीं लग पा रहा है। पीयू ने अब इस पर भी काम शुरू कर दिया है। विभागवार प्रोफार्मा प्रकाशित करवाया गया है जो हर क्लास के बाद शिक्षक छात्रों को देंगे और इस फार्म को विभाग अध्यक्ष के पास जमा करवाएंगे। यदि एक कक्षा के पांच विद्यार्थियों ने शिक्षण पर आपत्ति जताई तो उसके बाद विभाग अध्यक्ष इस पर निर्णय लेंगे। शिक्षण में सुधार करवाया जाएगा या फिर गेस्ट फैकल्टी होगी तो उसका बदलाव भी किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए अनुमति पीयू प्रशासन की लेनी होगी।
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