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NIRF 2020 रैंकिंग में पीजीआई को लगातार तीसरे साल मिला दूसरे सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान का दर्जा

Fri, 12 Jun 2020 02:45 PM IST
खुशबू गोयल वीणा तिवारी, चंडीगढ़

सार

  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जारी की रैंकिंग
  • ई-रिलीज़ के माध्यम से एनआईआरएफ इंडिया रैंकिंग 2020 की घोषणा की
  • पहले स्थान पर इस बार भी एम्स नई दिल्ली का कब्जा
  • चिकित्सा श्रेणी के तहत पूरे देश में 118 संस्थानों के बीच हुई प्रतिस्पर्धा
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पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने वीरवार को इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में शिक्षण और मेडिकल कॉलेज की  रैंकिंग जारी की। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में पीजीआई अपनी कैटेगरी में लगातार तीसरे साल देश के दूसरे सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान के स्थान पर अपना कब्जा बनाये रखने में सफल हुआ है। जबकि पहले स्थान पर इस बार भी दिल्ली एम्स ही रहा है।
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2019 में भी पीजीआई मेडिकल के क्षेत्र में ओवरआल केटेगिरी में एम्स के बाद दूसरे नंबर पर रहा था । पीजीआई का मेडिकल के क्षेत्र में 118 इंस्टीट्यूट्स से मुकाबला था, इनमें पीजीआई ने 80.6 स्कोर के साथ दूसरे स्थान हासिल किया है। वहीं एम्स 90.69 स्कोर के साथ पहले स्थान पर रहा है। पीजीआई को पिछले साल 77.88 स्कोर मिले थे,जबकि इस साल 80.6 स्कोर रहा है। परसेप्शन में पीजीआई को दो अंक ज्यादा मिले हैं। परसेप्शन लोगों की राय से तय होता है। ऐसा माना जा रहा है कि पीजीआई को लेकर लोगों की अवधारणा सकारात्मक हो रही है।

 केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री, रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने आज ई-रिलीज़ के माध्यम से एनआईआरएफ इंडिया रैंकिंग 2020 की घोषणा की, जिसमें पीजीआई ने चिकित्सा श्रेणी में लगातार तीसरे साल भी दूसरे पायदान पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। इसके लिए पूरे देश में 118 संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा हुई थी। जबकि एम्स, नई दिल्ली को इस साल भी श्रेणी में प्रथम स्थान दिया गया है। जबकि सीएमसी, वेल्लोर को तीसरा स्थान पर है।
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ट्विटर पर वेबकास्ट के जरिये जारी हुई रैंकिंग

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने गुरुवार को भारतीय शैक्षणिक संस्थानों की एनआईआरएफ रैंकिंग 2020 जारी कर दी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से हर वर्ष नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) रैंकिंग जारी की जाती है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने और स्टेट संजय धोतरे और एआईसीटीई के चैयरमैन अनिल और यूजीसी के चैयरमैन डीपी सिंह ने ट्विटर पर वेबकास्ट के जरिए रैंकिंग जारी की। जिसमें मेडिकल कॉलेजों की श्रेणी में  एम्स दिल्ली टॉप पर है। पीजीआईएमईआर (चंडीगढ़) दूसरे और क्रिश्चिन मेडिकल कॉलेज (बेंगलुरु) तीसरे नंबर पर है।

इस बार कोरोना ने बदला रैंकिंग का मानक
इस साल एनआईआरफ रैंकिंग में शामिल होने के लिए देशभर के 5500 शिक्षण संस्थानों ने अपने आवेदन भेजे थे। एनआईआरएफ रैंकिंग का ये पांचवां संस्करण है। हर साल ये रैंकिंग अप्रैल में जारी की जाती है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते इसे जून में जारी किया गया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा हर साल नौ कैटेगरी के लिए एनआईआरएफ रैंकिंग जारी की जाती है। मगर इनमें पहली बार डेंटल कॉलेजों की रैंकिंग को भी शामिल किया गया है। नौ कैटेगरी में ओवर ऑल रैंकिंग, यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग, कॉलेज, मैनेजमेंट, फार्मेसी, लॉ, आर्किटेक्टर और मेडिकल कैटेगरी शामिल हैं।

2018 में टीचिंग लर्निंग एंड रिसोर्स में था आगे

2018 के एनआईआरएफ रैंकिंग में पीजीआई का टीचिंग लर्निंग एंड रिसर्च में अच्छा परफॉर्मेंस था। उसे 100 में से 82.52 अंक मिले थे। जबकि 2019 में यह आंकड़ा घटकर 78.60 पर पहुंच गया। 2020 में पीजीआई में इसमें सुधार करते हुए 81.14 अंक प्राप्त किए हैं।

रिसर्च में भी दो अंक पीछे रह इस बार
2018 के एनआईआरएफ रैंकिंग में पीजीआई को  रिसर्च ,प्रोफेशनल प्रैक्टिस एंड कोलैबोरेटिव के 100 अंकों में से 81.76 अंक मिले थे। 2019 में यह बढ़कर 84.47 पर पहुंच गया था। लेकिन 2020 में पीजीआई में इसमें गिरावट दर्ज करते हुए 82.46 अंक प्राप्त किए हैं। जबकि एक रिसर्च इंस्टीट्यूट होने के नाते इसमें बेहतर अंक की उम्मीद की जाती है।

ग्रेजुएशन आउटकम्स में सुधरी रैंकिंग
एनआईआरएफ रैंकिंग में अगर पीजीआई के 3 सालों का रिकॉर्ड देखा जाए तो उसे ग्रेजुएशन आउटकम्स में 2020 में सबसे ज्यादा अंक मिले हैं । 2018 में 83.05 और 2019 में 76.99 अंक से संतोष किया था । लेकिन 2020 में इसमें बढ़त दर्ज करते हुवे पीजीआई ने 86.16 अंक प्राप्त किये हैं।

पिछले तीन साल कुछ ऐसी रही रैंकिंग

2018 में पीजीआई को मिले अंक(100 में से )
टीचिंग लर्निंग एंड रिसोर्स - 82.5
रिसर्च, प्रोफेशनल प्रैक्टिस एंड कोलैबोरेटिव- 81.76
ग्रेजुएशन आउटकम्स - 83. 05
आउटरीच एंड इंकलुसिविटी- 72.15
परसेप्शन- 56.19
 
2019 में पीजीआई को मिले अंक (100 में से )
टीचिंग लर्निंग एंड रिसोर्स - 78.60
रिसर्च प्रोफेशनल प्रैक्टिस एंड कोलैबोरेटिव- 84.47
ग्रेजुएशन आउटकम्स - 76.99
आउटरीच एंड इंकलुसिविटी- 70.74
परसेप्शन- 64.87

2020 में पीजीआई को मिले अंक (100 में से )
टीचिंग लर्निंग एंड रिसोर्स - 81.14
रिसर्च, प्रोफेशनल प्रैक्टिस एंड कोलैबोरेटिव- 82.46
ग्रेजुएशन आउटकम्स - 86.16
आउटरीच एंड इंकलुसिविटी- 66.08
परसेप्शन- 71.44
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टॉप 10 मेडिकल कॉलेज और उनके इस बार के अंक ये है

एम्स दिल्ली 90.69 अंक -1
पीजीआईएमईआर (चंडीगढ़) 80.06 अंक -2
क्रिश्चिन मेडिकल कॉलेज (बेंगलुरु) 73.56 अंक -3
नेशनल इंस्टीट्.ट ऑउ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस 71.35 अंक -  4
संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस 79.21 अंक -5
बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी 64.72अंक-6
अमृता विश्वविद्यापीठ 64.39 अंक  -7
जवाहर लाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च  63.14 अंक -8
कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज 62.84 अंक-9
किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ 62.2 अंक-10 

ये संस्थान के सभी संकायों और कर्मचारियों के संयुक्त टीम प्रयासों से प्राप्त की गई उपलब्धि है। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए पीजीआई परिवार के प्रत्येक सदस्य को  बधाई है। अगली बार कोशिश रहेगी कि पीजीआई देश का नंबर वन इंस्टीट्यूट बने। इसके लिए पीजीआई मुख्य रूप से इनोवेशन, रिसर्च, पेंटेंट पर खास फोकस करेगा। हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मिनिस्टर व पीजीआई के चेयरमैन डा. हर्षवर्धन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग और प्रेरणा से हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं।  
- डॉ जगतराम, डायरेक्ट पीजीआई

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