केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने गुरुवार को भारतीय शैक्षणिक संस्थानों की एनआईआरएफ रैंकिंग 2020 जारी कर दी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से हर वर्ष नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) रैंकिंग जारी की जाती है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने और स्टेट संजय धोतरे और एआईसीटीई के चैयरमैन अनिल और यूजीसी के चैयरमैन डीपी सिंह ने ट्विटर पर वेबकास्ट के जरिए रैंकिंग जारी की। जिसमें मेडिकल कॉलेजों की श्रेणी में एम्स दिल्ली टॉप पर है। पीजीआईएमईआर (चंडीगढ़) दूसरे और क्रिश्चिन मेडिकल कॉलेज (बेंगलुरु) तीसरे नंबर पर है।
इस बार कोरोना ने बदला रैंकिंग का मानक
इस साल एनआईआरफ रैंकिंग में शामिल होने के लिए देशभर के 5500 शिक्षण संस्थानों ने अपने आवेदन भेजे थे। एनआईआरएफ रैंकिंग का ये पांचवां संस्करण है। हर साल ये रैंकिंग अप्रैल में जारी की जाती है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते इसे जून में जारी किया गया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा हर साल नौ कैटेगरी के लिए एनआईआरएफ रैंकिंग जारी की जाती है। मगर इनमें पहली बार डेंटल कॉलेजों की रैंकिंग को भी शामिल किया गया है। नौ कैटेगरी में ओवर ऑल रैंकिंग, यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग, कॉलेज, मैनेजमेंट, फार्मेसी, लॉ, आर्किटेक्टर और मेडिकल कैटेगरी शामिल हैं।
2018 के एनआईआरएफ रैंकिंग में पीजीआई का टीचिंग लर्निंग एंड रिसर्च में अच्छा परफॉर्मेंस था। उसे 100 में से 82.52 अंक मिले थे। जबकि 2019 में यह आंकड़ा घटकर 78.60 पर पहुंच गया। 2020 में पीजीआई में इसमें सुधार करते हुए 81.14 अंक प्राप्त किए हैं।
रिसर्च में भी दो अंक पीछे रह इस बार
2018 के एनआईआरएफ रैंकिंग में पीजीआई को रिसर्च ,प्रोफेशनल प्रैक्टिस एंड कोलैबोरेटिव के 100 अंकों में से 81.76 अंक मिले थे। 2019 में यह बढ़कर 84.47 पर पहुंच गया था। लेकिन 2020 में पीजीआई में इसमें गिरावट दर्ज करते हुए 82.46 अंक प्राप्त किए हैं। जबकि एक रिसर्च इंस्टीट्यूट होने के नाते इसमें बेहतर अंक की उम्मीद की जाती है।
ग्रेजुएशन आउटकम्स में सुधरी रैंकिंग
एनआईआरएफ रैंकिंग में अगर पीजीआई के 3 सालों का रिकॉर्ड देखा जाए तो उसे ग्रेजुएशन आउटकम्स में 2020 में सबसे ज्यादा अंक मिले हैं । 2018 में 83.05 और 2019 में 76.99 अंक से संतोष किया था । लेकिन 2020 में इसमें बढ़त दर्ज करते हुवे पीजीआई ने 86.16 अंक प्राप्त किये हैं।
एम्स दिल्ली 90.69 अंक -1
पीजीआईएमईआर (चंडीगढ़) 80.06 अंक -2
क्रिश्चिन मेडिकल कॉलेज (बेंगलुरु) 73.56 अंक -3
नेशनल इंस्टीट्.ट ऑउ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस 71.35 अंक - 4
संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस 79.21 अंक -5
बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी 64.72अंक-6
अमृता विश्वविद्यापीठ 64.39 अंक -7
जवाहर लाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च 63.14 अंक -8
कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज 62.84 अंक-9
किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ 62.2 अंक-10
ये संस्थान के सभी संकायों और कर्मचारियों के संयुक्त टीम प्रयासों से प्राप्त की गई उपलब्धि है। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए पीजीआई परिवार के प्रत्येक सदस्य को बधाई है। अगली बार कोशिश रहेगी कि पीजीआई देश का नंबर वन इंस्टीट्यूट बने। इसके लिए पीजीआई मुख्य रूप से इनोवेशन, रिसर्च, पेंटेंट पर खास फोकस करेगा। हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मिनिस्टर व पीजीआई के चेयरमैन डा. हर्षवर्धन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग और प्रेरणा से हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
- डॉ जगतराम, डायरेक्ट पीजीआई